धर्म

Aaj Ka Panchang 12 October 2026: मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज, रात में बदलेगी तिथि, जानें राहुकाल और शुभ समय


Aaj Ka Panchang 12 October 2026: आज सोमवार को शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन है. आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होगी. आश्विन शुक्ल द्वितीया रात 10:13 बजे तक रहेगी. दिल्ली-NCR में राहुकाल सुबह 7:47 से 9:14 बजे तक है. शाम को चंद्र दर्शन का भी दिन है, लेकिन चंद्रमा जल्दी अस्त हो जाएगा.

आज पूजा की तैयारी में दो बातें ध्यान रखने वाली हैं. रात में तृतीया शुरू होगी, जबकि सूर्योदय के समय द्वितीया होने से आज नवरात्रि का दूसरा दिन ही रहेगा. वहीं, दोपहर के अभिजीत मुहूर्त का शुरुआती हिस्सा यमगण्ड में आएगा. इसलिए शुभ समय देखते हुए दोनों की अवधि समझना जरूरी है.

आज का पंचांग एक नजर में

  • वार- सोमवार
  • तिथि-शुक्ल द्वितीया, रात 10:13 बजे तक
  • नक्षत्र- स्वाति, रात 11:52 बजे तक
  • योग- विष्कम्भ, रात 8:32 बजे तक
  • चंद्र राशि- तुला
  • सूर्योदय- सुबह 6:20 बजे
  • सूर्यास्त- शाम 5:55 बजे
  • राहुकाल- सुबह 7:47 से 9:14 बजे
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे

तिथि, नक्षत्र और योग के ये समय Hindu Panchang के अनुसार हैं. चंद्रमा आज तुला राशि में रहेगा और सूर्य कन्या राशि में है.

रात में तृतीया शुरू होगी, तो किस देवी की पूजा करें?

आज मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें. द्वितीया सुबह से रात 10:13 बजे तक है. इसके बाद तृतीया शुरू होगी. इसका मतलब यह नहीं कि आज की सुबह या शाम की पूजा में देवी का स्वरूप बदल जाएगा. नवरात्रि के दूसरे दिन की आराधना मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है.

धार्मिक परंपरा में यह स्वरूप तप और संयम का प्रतीक माना जाता है. मां के दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल रहता है. पूजा में फूल अर्पित करें, दीप जलाएं और ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः मंत्र का जप करें. चमेली का फूल उनकी पूजा से जुड़ा माना जाता है.

सुबह समय कम हो तो शाम को भी पूजा कर सकते हैं. आज सूर्यास्त के समय भी द्वितीया ही रहेगी. केवल तिथि बदलने के इंतजार में पूजा को देर रात तक टालने की जरूरत नहीं है.

आज चंद्र दर्शन कब करें?

दिल्ली-NCR में चंद्रोदय सुबह 7:51 बजे होगा, लेकिन चंद्र दर्शन के लिए शाम का समय ध्यान में रखें. सूर्यास्त शाम 5:55 बजे और चंद्रास्त शाम 6:36 बजे है. यानी सूर्यास्त और चंद्रास्त के बीच करीब 41 मिनट का अंतर रहेगा.

चंद्र दर्शन करना चाहते हैं तो सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में खुला आसमान देखें. देर शाम तक इंतजार करेंगे तो चंद्रमा अस्त हो चुका होगा. हालांकि बादल, धुंध और सामने इमारतें होने से चांद दिखना प्रभावित हो सकता है.

आज शुभ काम कब करें?

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक है. लेकिन यमगण्ड सुबह 10:41 से दोपहर 12:07 बजे तक रहेगा. इस तरह अभिजीत का शुरुआती हिस्सा यमगण्ड के साथ पड़ रहा है.

दोनों समय को देखकर नया काम शुरू करना चाहें तो दोपहर 12:08 से 12:30 बजे के बीच का हिस्सा चुन सकते हैं. यह दी गई समयावधियों से निकला छोटा अंतराल है. विवाह, गृह प्रवेश जैसे संस्कारों के लिए उनके अलग मुहूर्त देखें.

रोज की पूजा और पहले से चल रहे नवरात्रि पाठ को नए काम की शुरुआत से अलग समझें. राहुकाल देखकर नियमित आरती रोकने की जरूरत नहीं है.

आज का राहुकाल और दूसरे अशुभ समय

  • राहुकाल सुबह 7:47-9:14 बजे
  • यमगण्ड सुबह 10:41-दोपहर 12:07 बजे
  • गुलिक काल दोपहर 1:34-3:01 बजे
  • दुर्मुहूर्त दोपहर 12:31-1:17 बजे और 2:50-3:36 बजे

मुहूर्त परंपरा में इन अवधियों के दौरान नए शुभ कार्य की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है.

आज का बाकी पंचांग और पूजा के समय

पूर्णिमांत और अमांत, दोनों गणनाओं में आश्विन मास चल रहा है. पक्ष शुक्ल है. बालव करण सुबह 9:48 बजे तक, फिर कौलव रात 10:13 बजे तक रहेगा. इसके बाद तैतिल करण शुरू होगा.

रात 8:32 बजे विष्कम्भ से प्रीति योग, 10:13 बजे द्वितीया से तृतीया और 11:52 बजे स्वाति से विशाखा नक्षत्र का परिवर्तन होगा. नक्षत्र बदलने के साथ चंद्र राशि नहीं बदलेगी.

अन्य समय:

– ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41-5:30 बजे.
– विजय मुहूर्त: दोपहर 2:03-2:50 बजे.
– गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:55-6:20 बजे.
– निशिता मुहूर्त: रात 11:43-13 अक्टूबर की रात 12:33 बजे.
– वर्ज्य: 13 अक्टूबर की सुबह 5:54-7:37 बजे.

आज की 3 जरूरी बातें

1. मां ब्रह्मचारिणी की पूजा आज करें. द्वितीया रात 10:13 बजे तक रहेगी.
2. चंद्र दर्शन के लिए सूर्यास्त के बाद देखें. दिल्ली-NCR में चंद्रास्त शाम 6:36 बजे है.
3. अभिजीत का शुरुआती हिस्सा यमगण्ड में है. दोनों से बचकर समय चुनने के लिए दोपहर 12:08-12:30 बजे का अंतराल ध्यान रखें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button