मध्य प्रदेश

Shimla News: शिमला में दिखेंगे दुनिया के 7 अजूबे! कबाड़ से तैयार हो रहे शानदार सेल्फी प्वाइंट


पहाड़ों की रानी और हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला (Shimla) में आने वाले पर्यटकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. प्राकृतिक सौंदर्य के लिए मशहूर शिमला में अब पर्यटकों को ‘दुनिया के सात अजूबों’ (Seven Wonders of the World) की झलक भी देखने को मिलेगी. नगर निगम (Shimla Municipal Corporation) शहर के प्रमुख और ऐतिहासिक स्थलों जैसे- रिज मैदान, माल रोड और ढली चौक पर इन विश्व प्रसिद्ध सात अजूबों की प्रतिकृतियां (Replicas) स्थापित कर रहा है.

‘वेस्ट टू वंडर’: कबाड़ से कलाकृतियों का निर्माण

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इन सभी प्रतिकृतियों का निर्माण पूरी तरह से लोहे और स्टील के कबाड़ (Scrap) से किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट ‘वेस्ट टू वंडर’ (Waste to Wonder) थीम पर आधारित है. इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और रीसाइक्लिंग (Recycling) के प्रति लोगों को जागरूक करना है. बेकार पड़े कबाड़ को आकर्षक कलाकृतियों में बदलकर एक अनूठा उदाहरण पेश किया जा रहा है.

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कौन-कौन से अजूबे आएंगे नजर?

इस परियोजना के तहत शिमला में पर्यटकों को जिन दुनिया के प्रसिद्ध अजूबों की प्रतिकृतियां देखने को मिलेंगी, उनमें शामिल हैं:

  • भारत का ताजमहल (Taj Mahal)
  • चीन की महान दीवार (Great Wall of China)
  • ब्राजील की क्राइस्ट द रिडीमर प्रतिमा (Christ the Redeemer)
  • इटली का कोलोसियम (Colosseum)
  • जॉर्डन का पेट्रा (Petra)

नए सेल्फी प्वाइंट्स से बढ़ेगा शिमला का आकर्षण

नगर निगम ने इन कलाकृतियों को स्थापित करने के लिए शहर के उन क्षेत्रों का चयन किया है, जहां पर्यटकों की सबसे ज्यादा भीड़ होती है. ऐतिहासिक रिज मैदान और माल रोड पहले से ही शिमला के प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं, लेकिन अब इन नई कलाकृतियों के कारण ये और भी अधिक आकर्षक बन जाएंगे. इसके अलावा, ऊपरी शिमला के प्रवेश द्वार माने जाने वाले ढली चौक पर भी ये विशेष संरचनाएं स्थापित की जा रही हैं. इन स्थलों को इस तरह से विकसित किया जा रहा है कि पर्यटक यहां बेहतरीन तस्वीरें और सेल्फी (Selfie Point) लेकर अपनी यात्रा को यादगार बना सकें.

क्या कहते हैं मेयर?

नगर निगम के मेयर सुरिन्द्र चौहान का मानना है कि यह परियोजना न केवल शिमला की पर्यटन पहचान को एक नई दिशा देगी, बल्कि इसके जरिए स्वच्छता और पुनर्चक्रण (Recycling) का सकारात्मक संदेश भी प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचेगा.

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