
धार के ऐतिहासिक भोजशाला विवाद को लेकर मुस्लिम पक्ष हाई कोर्ट के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था जहां इस मामले को लेकर 14 जुलाई को सुनवाई हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को यथावत रखा था, लेकिन जिला प्रशासन को मुस्लिम पक्ष की भावनाओं को ध्यान में रखने को कहा था. कोर्ट ने अंतिम फैसला आने तक भोजशाला परिसर से सटे हुए किसी भी खुले मैदान में हर जुमे पर नमाज कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे. हालांकि, अब तक न तो प्रशासन और न ही दोनों पक्षों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की कॉपी मिली है. इसी के चलते धार में जुमे की नमाज को लेकर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
तीन दिन बीत जाने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट के किसी भी आदेश की जानकारी अब तक ना तो पक्षकार उपलब्ध हो पाई है और ना ही जिला प्रशासन को. ऐसे में जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार कर रहा है. वहीं, दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष भी आदेश की कॉपी उपलब्ध नहीं होने से कोई भी बात कहने से बच रहा है.
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भोजशाला के बाहर नमाज पढ़ी जानी थी
दरअसल, 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद धार में यह चर्चा थी कि शुक्रवार को भोजशाला परिषर के बाहर नमाज दोपहर 1.00 से 3.00 बजे तक पढ़ी जाएगी और उसके लिए प्रशासन जगह उपलब्ध कराएगी लेकिन अभी तक ऐसी कोई जानकारी प्रशासन के पास नहीं पहुंची है और ना ही पक्षकार के पास. जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के दिए गए आदेश की प्रतीक्षा में है ताकि न्यायालय के आदेश अनुसार आगे कोई कार्रवाई की जा सके.
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