
Jagannath Rath Yatra 2026 LIVE: जगन्नाथ रथ यात्रा का आरंभ इस वर्ष 16 जुलाई से होने जा रहा है. पुरी का जगन्नाथ धाम सनातन धर्म के चार प्रमुख धामों में शामिल है. यहां हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर जगन्नाथ जी की रथ यात्रा निकलती है, साथ में भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा भी होते हैं.
इसे दुनिया की सबसे प्राचीन और विशाल रथ यात्राओं में गिना जाता है, क्योंकि सामान्य दिनों में जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह तक सभी की पहुंच नहीं होती, वहीं रथ यात्रा के दौरान खास से आम व्यक्ति भगवान के दर्शन कर सकता है, उनके रथ की रस्सी खींचने का सौभाग्य प्राप्त कर सकता है.
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 मुहूर्तो
- तिथि: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया– प्रातः 8:52 बजे तक, इसके बाद तृतीया प्रारंभ
- वार: गुरुवार (जगन्नाथ जी विष्णु जी का रूप हैं, और गुरुवार श्रीहरि को प्रिय है. ऐसे में यात्रा के दिन गुरुवार का होना दुर्लभ माना जा रहा है)
- नक्षत्र: आश्लेषा
- योग: सिद्धि योग, रवि योग
जगन्नाथ रथ यात्रा का महत्व
आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर के लिए प्रस्थान करते हैं. जिसमें देश ही नहीं विदेश से भी आकर लाखों श्रद्धालु रथ की रस्सी खींचते हैं.
स्कंद पुराण के उत्कल खंड (पुरुषोत्तम माहात्म्य) में पुरुषोत्तम क्षेत्र (पुरी) और भगवान जगन्नाथ के दर्शन का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि रथ यात्रा के दौरान भगवान के दर्शन करने, उनके रथ के साथ चलने और श्रद्धाभाव से उनका स्मरण करने वालों को बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है. मृत्यु के बाद मोक्ष मिलता है.
9 दिन तक चलता है उत्सव
नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में आस्था, सेवा, परंपरा और उत्साह का ऐसा संगम देखने को मिलता है, जो इसे विश्व के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजनों में शामिल करता है. इन 9 दिनों में हर दिन अलग-अलग परंपरा निभाई जाती है जैसे हेरा पंचमी, संध्या दर्शन, बहुदा यात्रा, सुना बेषा, अधर पाना, नीलाद्री बीजे आदि. यह यात्रा भगवान और भक्त के बीच प्रेम, समानता, सेवा और लोककल्याण की भावना का प्रतीक मानी जाती है.
जगन्नाथ रथ यात्रा की अनूठी परंपरा
रथ यात्रा की एक अनूठी परंपरा यह भी है कि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के लिए हर वर्ष नए रथ बनाए जाते हैं. इनका निर्माण विशेष प्रकार की लकड़ी से पारंपरिक नियमों के अनुसार किया जाता है.