
Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 15 जुलाई से गुप्त नवरात्रि शुरू हो रही है. अपने नाम के अनुरूप इस नवरात्रि में गुप्त तरीके से मां की साधना की जाती है. गुप्त साधना तांत्रिक और अघोरी करते हैं इसलिए गुप्त नवरात्रि इनके लिए खास मानी जाती है. इस दौरान तांत्रिक साधक और सिद्धि की कामना करने वाले घटस्थापना कर विशेष अनुष्ठान करते हैं.
गुप्त नवरात्रि में पूजा-पद्धति, आराध्य स्वरूप और साधना का उद्देश्य अलग होता है. तांत्रिक उपासकों गुप्त नवरात्रि ज्यादा महत्व रखती है लेकिन ऐसे में क्या गृहस्थ जीवन (पारिवारिक जीवन) वाले भी गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना कर सकते हैं. आइए जानते हैं.
कौन होते हैं गृहस्थ वाले ?
सनातन धर्म के चार आश्रम ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास है. इसमें गृहस्थ आश्रम वो है, जिसमें व्यक्ति विवाह करके परिवार, संतान, आजीविका और सामाजिक दायित्वों का पालन करता है.
क्या गृहस्थ वाले गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना कर सकते हैं ?
ज्योतिषाचार्य सुरेश श्रीमाली बताते हैं कि देवी भागवत महापुराण (स्कंध 7) के अनुसार नवरात्रि व्रत और देवी पूजा का महत्व सभी भक्तों के लिए बताया गया है. कहीं भी गृहस्थों को नवरात्रि पूजन या कलश स्थापना से वंचित नहीं किया गया है.
वहीं मार्कण्डेय पुराण में देवी की उपासना को सर्वजन के लिए कल्याणकारी बताया गया है. राजा सुरथ (गृहस्थ) और वैश्य समाधि दोनों ने देवी की आराधना कर सिद्धि प्राप्त की थी. इससे स्पष्ट होता है कि देवी उपासना केवल संन्यासियों या तांत्रिकों तक सीमित नहीं है.
धर्मशास्त्रों और देवी उपासना की परंपरा के अनुसार गृहस्थ श्रद्धापूर्वक कलश स्थापना (घटस्थापना) कर सकते हैं और मां दुर्गा की सात्विक पूजा कर सकते हैं.
ध्यान रखें ये बातें
- पुराणों में शारदीय और चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना को ज्यादा महत्व दिया है,लेकिन अगर कोई साधक गुप्त नवरात्रि में कलश स्थापना कर माता की साधना करना चाहता है तो कुछ खास नियम का पालन करें.
- शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें.
- मां दुर्गा या अपने इष्ट देवी स्वरूप की सात्विक पूजा करें.
- दुर्गा सप्तशती, देवी कवच या सिद्धकुंजिका स्तोत्र का पाठ करें.
- सात्विक आहार और संयम का पालन करें.
- घर में घटस्थापना की है तो विवाद, क्लेश न करें, ब्रह्मचर्य का पालन करें.
- सफाई रखें, घटस्थापना वाली जगह पर अंधेरा न रखें.
- तांत्रिक दीक्षा नहीं ली है या योग्य गुरु का मार्गदर्शन नहीं है, तो दस महाविद्याओं के गुप्त तांत्रिक प्रयोग, विशेष बीज मंत्रों की उच्च साधना या जटिल अनुष्ठान भूलकर भी न करें. परिणाम उल्टे पड़ सकते हैं.
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2026 घटस्थापना मुहूर्त
हिंदू पंचांग अनुसार 15 जुलाई 2026 को गुप्त नवरात्रि की कलश स्थापना सुबह 5.33 से लेकर सुबह 10.09 मिनट के बीच की जाएगी.
घटस्थापना की विधि
- शुभ मुहूर्त में पूजा स्थान की सफाई करें और चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं.
- मिट्टी की वेदी बनाकर उसमें जौ (जवारे) बोएं.
- तांबे, पीतल या मिट्टी के कलश में गंगाजल, सुपारी, अक्षत, सिक्का डालें.
- कलश के मुख पर आम के 5 या 7 पत्ते रखें और उस पर लाल वस्त्र में लपेटा हुआ नारियल स्थापित करें.
- कलश पर मौली बांधें और स्वस्तिक का चिह्न बनाएं.
- मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने कलश स्थापित करें.
- अखंड ज्योति या घी का दीपक जलाएं.
- मां दुर्गा का आवाहन कर संकल्प लें और पुष्प, अक्षत, रोली, चंदन, धूप-दीप व नैवेद्य अर्पित करें.
- दुर्गा सप्तशती, देवी कवच, सिद्धकुंजिका स्तोत्र या दुर्गा चालीसा का पाठ करें.
- नौ दिनों तक प्रतिदिन दीप जलाकर माता की पूजा करें और अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन एवं हवन के साथ व्रत का समापन करें.
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