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हमारे भी दिन आएंगे, दिखाएंगे पार्टियां कैसे तोड़ी जाती हैं : संजय राउत का पलटवार | Our day will come too we will show how parties are broken: Sanjay Raut


तृणमूल कांग्रेस के बाद अब राजनीतिक गलियारों में शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में टूट को लेकर चल रही अटकलों पर पार्टी के सांसदों ने मंगलवार को तीखी प्रतिक्रिया दी. शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्य सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि हमारे भी दिन आएंगे जब हम दिखाएंगे की पार्टियां कैसे तोड़ी जाती हैं.

संजय राउत की ये तीखी प्रतिक्रिया उन खबरों के सन्दर्भ में आयी हैं, जिसमें कहा जा रहा है कि उद्धव गुट के कई सांसद और विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पार्टी के साथ संपर्क में हैं. मीडिया में ‘ऑपरेशन टाइगर‘ की खबरों पर संजय राउत ने एनडीटीवी से कहा कि ऑपरेशन टाइगर का मतलब है वो लोग हमें टाइगर समझते हैं और टाइगर का ऑपरेशन आसान नहीं होता है. हमारी पार्टी को 60 साल हो गए. ऐसे बहुत सारे घाव हमने झेले हैं. हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं की पार्टी है, एमपी एमएलए की पार्टी नहीं है. अगर पार्टी में संकट आएगा तो हम उसे सुलझा लेंगे.

शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय देशमुख की केंद्रीय मंत्री और शिव सेना नेता प्रतापराव जाधव के साथ मुलाकात पर संजय राउत ने कहा कि उनकी मुलाकात भी प्रधानमंत्री से होती है, किसी भी मंत्री से एक सांसद के मिलने को अलग नजरिये से नहीं देखना चाहिए और अगर संकट आता है तो उसे पार्टी देख लेगी.

शिव सेना (उद्धव गुट) में टूट की खबरें में कोई तथ्य नहीं : अनिल देसाई

दरअसल, टूट को लेकट चल रही अटकलों के बीच शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के दो वरिष्ठ सांसद – संजय राउत और अनिल देसाई मंगलवार को संसदीय समितियों की बैठक में भाग लेने संसद भवन पहुंचे. एनडीटीवी से बातचीत में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के लोक सभा सांसद अनिल देसाई ने दावा किया कि मीडिया में शिव सेना (उद्धव गुट) में संभावित टूट की खबरें पिछले डेढ़ साल से चल रही हैं. इसमें कोई तथ्य नहीं है.

सांसद अनिल देसाई ने एनडीटीवी से कहा कि पिछले 1 महीने में उद्धव ठाकरे ने कई बैठकें की हैं जिसमें सभी सांसद और विधायक शामिल हुए. पिछली बैठक में चार सांसद शामिल हुए थे जबकि पांच ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसमें भाग लिया. कई सांसदों के अपने पर्सनल इंगेजमेंट the जिसकी वजह से वह इन पर्सन इस बैठक में भाग नहीं ले सके. संजय देशमुख के बेटे की शादी की बात हो रही है बैठक के बाद अपने फार्मेसी बिजनेस के काम के लिए वह दिल्ली आए और उन्होंने प्रताप यादव से बात की.

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हिमांशु शेखर मिश्रा

वरिष्ठ संपादक (पॉलिटिकल और करंट अफ़ेयर्स)

हिमांशु शेखर मिश्रा भारत सरकार, संसद, राजनीति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण से जुड़े मामले कवर करते हैं. उन्होंने न्यूयॉर्क में UN का सालाना सम्मलेन (2003)…
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