
Rama Ekadashi 2026: आज रमा एकादशी का व्रत रखने वाले श्रद्धालु कल 6 नवंबर को सुबह पारण करके शाम को धनतेरस की लक्ष्मी-कुबेर पूजा कर सकते हैं. एकादशी के पारण और धनतेरस पूजन का समय अलग है.
नई दिल्ली के लिए पंचांग के अनुसार पारण सुबह 6:37 से 8:48 बजे तक और धनतेरस पूजा शाम 6:02 से 7:57 बजे तक है. इसलिए शाम की पूजा के इंतजार में एकादशी का पारण रोकने की जरूरत नहीं है.
सुबह द्वादशी, शाम को त्रयोदशी में होगी पूजा
इस बार दोनों अनुष्ठान एक तारीख पर होने की वजह तिथियों का क्रम है. 6 नवंबर की सुबह द्वादशी रहेगी, जो सुबह 10:30 बजे समाप्त होगी. इसके बाद त्रयोदशी शुरू होगी और अगले दिन 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे तक रहेगी. इस तरह सुबह एकादशी व्रत का पारण द्वादशी में होगा और शाम को धनतेरस की पूजा त्रयोदशी में की जाएगी. दोनों के समय में टकराव नहीं है.
धनतेरस की पूजा के लिए शाम तक भूखे रहना जरूरी है?
केवल धनतेरस की लक्ष्मी-कुबेर पूजा करने के लिए एकादशी का उपवास शाम तक बढ़ाना जरूरी नहीं है. धनतेरस पूजन के लिए पंचांग प्रदोषकाल में स्थिर लग्न को महत्व देता है. नई दिल्ली में शाम 6:02 से 7:57 बजे का मुहूर्त इसी आधार पर दिया गया है. सुबह पारण के बाद शाम को निर्धारित समय पर पूजन किया जा सकता है. हालांकि, परिवार में किसी अलग व्रत का संकल्प या विशेष परंपरा हो तो उसके नियम भी ध्यान में रखें.
प्रदोष व्रत भी रखा है तो पारण कैसे करें?
एकादशी के साथ अगले दिन प्रदोष व्रत रखने वालों की स्थिति अलग है. लगातार दोनों व्रत करने के संबंध में पंचांग सुबह निर्धारित समय पर केवल जल से एकादशी का सांकेतिक पारण करके प्रदोष व्रत जारी रखने का सुझाव देता है. इसे हर धनतेरस पूजन करने वाले व्यक्ति के लिए अनिवार्य नियम न समझें. यह व्यवस्था दोनों व्रतों का संकल्प लेने वालों के लिए है.
आज तिथि समाप्त होने पर न खोलें व्रत
5 नवंबर को एकादशी तिथि सुबह 10:35 बजे समाप्त होने का अर्थ यह नहीं है कि उसी समय व्रत खोल दिया जाए. रमा एकादशी का पारण अगले दिन निर्धारित समय पर करना है. ऊपर दिए गए समय नई दिल्ली के हैं; दूसरे शहरों के श्रद्धालु स्थानीय पंचांग और अपनी संप्रदायगत परंपरा के अनुसार पारण का समय देखें.
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