
Aaj Ka Vrishchik Rashifal 6 November 2026: ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार, चंद्रमा आज पूरे दिन-रात आपकी राशि से 11वें भाव यानी एकादश भाव (आय, लाभ, बड़े भाई-बहन, सामाजिक दायरा, इच्छापूर्ति व सफलता स्थान) में कन्या राशि में संचरण कर रहे हैं. एकादश भाव में चंद्रमा की अत्यंत शुभ उपस्थिति के प्रभाव से आप अपने मुनाफे, आमदनी और बचत को बढ़ाने के हर ठोस प्रयास में पूरी तरह सफल रहेंगे; धनतेरस का दिन आर्थिक दृष्टि से समृद्धिकारक साबित होगा.
आज का पंचांग और ग्रह गोचर (Aaj Ka Panchang 6 November 2026, Dhanteras)
- दिनांक: 6 नवंबर 2026, शुक्रवार (पावन धनतेरस पर्व)
- तिथि: कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि सुबह 10:31 बजे तक, तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि (धनतेरस)
- नक्षत्र: पूरे दिन-रात हस्त नक्षत्र रहेगा
- शुभ योग: वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, बुधादित्य योग और विष्कुम्भ योग
- चंद्र गोचर: चंद्रमा पूरे दिन-रात कन्या राशि (आपकी राशि से 11वें भाव) में संचरण करेंगे
- शुभ मुहूर्त (चौघड़िया):
- प्रातः काल: सुबह 08:15 से 10:15 बजे तक (लाभ-अमृत का चौघड़िया)
- दोपहर काल: दोपहर 01:15 से 02:15 बजे तक (शुभ का चौघड़िया)
- अशुभ समय (राहुकाल): सुबह 10:30 से दोपहर 12:00 बजे तक राहुकाल रहेगा (इस दौरान धनतेरस की खरीदारी, नए सौदे या बड़े वित्तीय निर्णय लेने से बचें)
- शुभ यात्रा दिशा: पश्चिम दिशा
1. बिजनेस और फेस्टिव सीजन (Business & Foreign Deals)
विदेशी व्यापार में बड़ी डील, नया बिजनेस शुरू करने के शुभ मुहूर्त: विदेश से संबंधित व्यापार (Foreign Business) या ओवरसीज क्लाइंट्स के साथ काम कर रहे कारोबारियों के लिए समय अत्यंत उपयुक्त चल रहा है. किसी बड़ी व्यावसायिक डील को फाइनल करने में तनिक भी देरी न करें, बस हस्ताक्षर करने से पूर्व जरूरी रिसर्च और कागजात की जांच अवश्य कर लें. यदि आप धनतेरस के दिन कोई नया बिजनेस, शोरूम या ब्रांच ओपन करने जा रहे हैं, तो सुबह 08:15 से 10:15 बजे तक (लाभ-अमृत) और दोपहर 01:15 से 02:15 बजे के मध्य (शुभ का चौघड़िया) शुरुआत करना आपके लिए शानदार और अत्यधिक फलदायी रहेगा.
पुश्तैनी व्यापार में बढ़ेंगी जिम्मेदारियां: पैतृक या पारिवारिक कारोबार (Ancestral Business) से जुड़े जातकों पर काम और जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है. आप अपने वित्तीय ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयास में जुटे रहेंगे, जिससे आने वाले समय में आर्थिक स्थिति बेहतर होगी.
2. करियर और नौकरी (Career & Workplace Balance)
विवादों से रहें दूर, करियर व इंटरव्यू के लिए यात्रा: कार्यस्थल (Workspace) पर चल रहे किसी भी प्रकार के आंतरिक विवाद या दूसरों की राजनीति में हस्तक्षेप करने से पूरी तरह बचें. नौकरीपेशा जातक (Employed Persons) ऑफिस के माहौल में खुद को शांत रखें और मानसिक एकाग्रता बनाए रखने के लिए ध्यान का सहारा लें, ताकि सभी परिस्थितियों में आपका संतुलन बना रहे.
करियर में नई दिशा: नौकरीपेशा जातकों को करियर ग्रोथ, नई नौकरी या महत्वपूर्ण इंटरव्यू रिलेटेड कार्यक्रमों के सिलसिले में आधिकारिक यात्रा (Official Travelling) करनी पड़ सकती है, जो भविष्य के लिए लाभकारी सिद्ध होगी.
3. लव, फैमिली, छात्र-खिलाड़ी व स्वास्थ्य (Family, Love Shopping & Education)
परिजनों संग वक्त बिताने का मौका, लव लाइफ में बंपर शॉपिंग: घर-परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर सुखद और यादगार समय बिताने का बेहतरीन अवसर मिलेगा. वहीं, प्रेम संबंधों (Love Life) में धनतेरस और फेस्टिव माहौल के चलते लवर के साथ जमकर शॉपिंग हो सकती है, जिससे दोनों के बीच खुशियां और उत्साह बढ़ेगा.
छात्रों के लिए सफलता का मूलमंत्र: प्रतियोगी और सामान्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी (Competitive & General Students) इस बात को गांठ बांध लें कि यदि भीड़ से अलग दिखना है या अपनी विशिष्ट पहचान बनानी है, तो आपको परिणाम (Result) भी दूसरों से अलग देना होगा. इसके लिए वह लीक से हटकर मेहनत करनी होगी जो अन्य लोग करने से बचते हैं.
स्वास्थ्य का रखें ध्यान: एकादश भाव के चंद्रमा के प्रभाव से स्वास्थ्य सामान्यतः उत्तम बना रहेगा और आंतरिक स्फूर्ति रहेगी. भागदौड़ और यात्रा के दौरान समय पर जल ग्रहण करें और पौष्टिक आहार लें.
लकी कलर: सिल्वर (चांदी जैसा चमकदार)
लकी नंबर: 6
अनलकी नंबर: 4
धनतेरस विशेष अचूक उपाय: धनतेरस के महापर्व पर 11वें भाव के चंद्रमा के शुभ फलों में वृद्धि और मां लक्ष्मी, भगवान धन्वंतरि व कुबेर देव का आशीर्वाद पाने हेतु प्रातः काल शिवलिंग पर शुद्ध जल में कच्चा गाय का दूध, थोड़ा सा गंगाजल, शहद और अक्षत मिलाकर अभिषेक करें तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ व ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का जप करें. धनतेरस के शुभ चौघड़िया मुहूर्त में चांदी का सिक्का, तांबे या पीतल का बर्तन अथवा साबुत धनिया अवश्य खरीदें. सायंकाल के समय घर के मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करके चौमुखा दीपक (यम दीपम) प्रज्वलित करें तथा मां लक्ष्मी के समक्ष शुद्ध घी का दीपक जलाकर ‘श्री सूक्त’ या ‘कनकधारा स्तोत्र’ का पाठ करें. किसी जरूरतमंद को गुड़-चने, लाल फल या सफेद मिठाई का दान करें. इससे आय के नए स्रोत खुलेंगे, व्यापारिक डील्स में भरपूर मुनाफा होगा और घर में सुख-समृद्धि का वास रहेगा.
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