

Dhanteras Shubh Muhurat: धनतेरस का पर्व 6 नवंबर को देशभर में मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में इस त्योहार का विशेष महत्व है. पंचांग के अनुसार, धनतेरस कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सोना-चांदी, बर्तन और नई चीजें खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है. हालांकि, धनतेरस पर खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है. ऐसे में अगर आप भी इस दिन सोना-चांदी खरीदने या भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं तो अपने शहर के अनुसार शुभ समय जरूर जान लें. आइए जानते हैं खरीदारी का शुभ मुहूर्त, पूजा का समय और विधि…
धनतेरस की तिथि
हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन 7 नवंबर को सुबह 10 बजकरर 47 मिनट पर होगा. ऐसे में उदय तिथि और प्रदोष काल में त्रयोदशी मिलने के आधार पर धनतेरस का पर्व 6 नवंबर शुक्रवार को मनााया जाएगा.
सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर को सुबह 10 बजकर 30 मिनट से लेकर 7 नवंबर की सुबह 06 बजकर 37 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में सभी लोग सोना-चांदी और नई चीजों की खरीदारी कर सकते हैं.
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धनतेरस पर क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त?
- नई दिल्ली: शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक
- गुरुग्राम: शाम 6:03 बजे से 7:59 बजे तक
- जयपुर: शाम 6:11 बजे से 8:07 बजे तक
- चेन्नई: शाम 6:14 बजे से 8:10 बजे तक
- हैदराबाद: शाम 6:15 बजे से 8:13 बजे तक
प्रदोष काल में धनतेरस की पूजा करने का महत्व
पंचांग के अनुसार धनतेरस पर लक्ष्मी पूजा करने का सबसे शुभ समय प्रदोष काल माना जाता है. प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और करीब 2 घंटे 24 मिनट तक रहता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवधि में मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन, समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है.
धनतेरस की पूजा विधि
- धनतेरस के दिन सबसे पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करें, खासकर मुख्य द्वार और मंदिर की. इसके बाद घर के प्रवेश द्वार को फूलों, बंदनवार, रंगोली और दीयों से सजाएं.
- शाम के समय पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी रखें और उस पर लाल या पीला साफ कपड़ा बिछाएं. फिर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की तस्वीर स्थापित करें. धनतेरस पर खरीदे गए सोने-चांदी के सिक्के, गहने या बर्तन भी मंदिर के पास रखें.
- पूजा की शुरुआत भगवान गणेश से करें. उन्हें फूल, रोली, अक्षत और मिठाई अर्पित करें. दीपक जलाकर विघ्नों को दूर करने की कामना करें.
- भगवान धन्वंतरि को फूल, फल, मिठाई, धूप और दीप अर्पित करें. फिर परिवार की अच्छी सेहत, सुख और लंबी उम्र की प्रार्थना करें.
- मां लक्ष्मी को कुमकुम, हल्दी, फूल, मिठाई, फल और सिक्के अर्पित करें. इसके साथ ही धन के देवता भगवान कुबेर की भी पूजा करें और आर्थिक समृद्धि-धन-संपत्ति में वृद्धि का आशीर्वाद मांगें.
- पूजा के दौरान अपनी नई खरीदी हुई चीजों को भी भगवान के सामने रखें.
- पूजा पूरी होने के बाद सभी देवी-देवताओं की आरती करें. फिर मिठाई और प्रसाद वितरित करें और घर में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करें.
- घर के मेन गेट, बालकनी, खिड़कियों और घर के बाकी जगहों पर मिट्टी के दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और खुशहाली का आगमन होता है.
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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