
मध्य प्रदेश के जबलपुर में बुधवार को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा हो गया, जिसमें हाईटेंशन लाइन की चपेट में यात्रा का एक वाहन आ गया और तीन लोगों की करंट लगने से मौत हो गयी. इस हादसे में 10 से ज्यादा लोग झुलस गए, जिन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गयी, पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया. मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. घटना के बाद लोगों ने बिजली विभाग को लेकर नाराजगी भी जाहिर की है. इसके साथ ही संबंधित कर्मचारियों-अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.
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क्या है पूरा घटनाक्रम ?
जानकारी के मुताबिक,दुर्गा माता की मूर्ति के विसर्जन में शामिल लोग प्रतिमा लेकर नीला तालाब की ओर जा रहे थे. इसी दौरान प्रतिमा/डीजे या वाहन का कोई हिस्सा ऊपर से गुजर रही बड़ी लाइन से टकरा गया और करंट पूरे जुलूस में फैल गया. करंट की चपेट में आए लोगों में चीख-पुकार मच गई. मृतकों की शिनाख्त विकास राजपूत और प्रिंस के रूप में हुई है.
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. बिजली विभाग से जवाब तलब किया जा रहा है. जुलूस की सूचना पहले से होने के बाद भी शटडाउन क्यों नहीं लिया गया ? इसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. इसके साथ ही विसर्जन के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. समय रहते उन्होंने लोगों को सचेत क्यों नहीं किया. अब तीन लोगों की मौत के बाद किन पर कार्रवाई होगी ये देखने वाली बात होगी..
घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है, पुलिस-प्रशासन ने अपनी निगरानी में विसर्जन पूरा करवाया. अधिकारियों के मुताबिक मौके पर अब शांति है, परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है. जो भी दोषी होगा उस नियमानुसार कार्रवाई होगी.
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