
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार (20 अक्टूबर) को उज्जैन से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू की, जिसका उद्देश्य सनातन संस्कृति के मूल आदर्शों का प्रसार करना है. इस यात्रा का बुधवार को दूसरा दिन है. वहीं इस यात्रा में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय भी नजर आईं.
दूसरे दिन यात्रा करते हुए अमृता राय ने कहा, “सनातन ही सत्य है और वही हमारा स्वाभिमान भी है. हम इसी भावना को लेकर चल रहे हैं और शिव एक दर्शन हैं. राम हमारी मर्यादा हैं. हम इस दर्शन को उस मर्यादा तक पहुंचाकर अपने समाज की उन प्रचलित संस्थाओं जिन पर हम विश्वास करते हैं. जो हमारी आस्था का केंद्र हैं. उसके साथ धोखा न हो, उसी के लिए यह यात्रा की जा रही है.”
यात्रा को लेकर क्या बोलीं अमृता राय
अमृता राय से सवाल किया गया कि दिग्विजय सिंह ने नर्मदा यात्रा की और अब उज्जैन से यह यात्रा की. इसकी क्या जरूरत पड़ गई? इस सवाल पर उन्होंने कहा, “नर्मदा यात्रा राजा साहब का निजी संकल्प था और उसको पूरा करने के लिए हमने नर्मदा यात्रा निकाली थी, लेकिन यह एक सार्वजनिक संकल्प है और सार्वजनिक वजहों से की जा रही यात्रा है जिसमें हर राम भक्त अपने चढ़ावे के साथ हुई चोरी के खिलाफ आहत है. इसके लिए यह यात्रा निकाली जा रही है.”
उन्होंने आगे कहा, “नर्मदा यात्रा एक निजी यात्रा है और यह सार्वजनिक वजहों के लिए की जाने वाली सार्वजनिक यात्रा है.” वहीं राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कई लोगों को क्लीन चिट मिलने पर कहा, “सरकार ने क्लीन चिट दे दी लेकिन क्या राम के आदर्श मानने वाले लोगों ने भी क्या क्लीन चिट दे दी. क्या उनकी भावनाएं इस बात से संतुष्ट हो गईं?”
संत-महात्माओं ने किया यात्रा का नेतृत्व
इस पदयात्रा का नेतृत्व संत-महात्माओं का एक समूह कर रहा है. उज्जैन से शुरू हुई यह यात्रा करीब 930 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद अयोध्या पहुंचेगी, जहां भगवान राम का भव्य मंदिर स्थित है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने पदयात्रा शुरू करने से पहले यहां चिंतामण गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की.
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