
नवरात्रि से पहले गरबे को लेकर चल रही सियासत के बीच मुस्लिम संगठनों ने मुस्लिम युवाओं से अपील की है कि गरबे में न जाएं. ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी की ओर से यह अपील जारी की गई है कि मुस्लिम युवा गरबे में शामिल न हों. अगर बहुसंख्यक कम्युनिटी को आपके गरबे में आने से परेशानी है तो आपको वहां नहीं जाना चाहिए.
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जीशान रहमान ने एबीपी न्यूज से कहा कि इंस्टाग्राम रील, लाइक और व्यूज के चक्कर में मुस्लिम युवा गरबों में जाते हैं. ऐसा न करें. उन्होंने कहा, “इनमें से करता कोई एक है और भुगतना पूरी कौम को पड़ता है.”
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उलेमा, मुफ्ती और काजी से भी अपील
जीशान रहमान का कहना है कि वह मुस्लिम धर्मगुरुओं से भी अपील करेंगे कि वो युवाओं को यही संदेश दें. ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने मुस्लिम समुदाय के उलेमा, मुफ्ती और काजी से अपील की है कि इस तरह के हिंदू धार्मिक आयोजनों में जाने से बचें ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके.
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहारी कमेटी का कहना है कि हम हर जिले में इस तरह का अभियान चलाएंगे ताकि मुस्लिम युवा गरबे के आयोजन से दूर रहें. रील बनाने के चक्कर में या सोशल मीडिया पर व्यूज के चक्कर में ऐसा कोई काम ना करें, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों.
‘इस्लाम नहीं देता इजाजत’
मुस्लिम त्योहार कमेटी का कहना है सोशल मीडिया वीडियो के लिए दूसरे धर्म के त्योहार में नहीं जाना चाहिए. इस्लाम खुद भी इसकी इजाजत नहीं देता है. जानकारी के लिए बता दें, बीते कुछ वर्षों से हर साल नवरात्रि से पहले विश्व हिंदू परिषद समेत कई हिंदू संगठन ये मांग उठाते रहे हैं कि मुसलमानों को गरबा आयोजनों में प्रवेश न करने दिया जाए. बीजेपी के नेता इसके पक्ष में रहे हैं जबकि विपक्ष के नेताओं ने इसका विरोध किया है. इस बार खुद मुस्लिम संगठनों ने अपने समुदाय के लोगों से अपील की है कि हिंदू त्योहारों के आयोजनों में जाने से बचें.
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