
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला परिषद चुनाव में मौजूदा कांग्रेस सरकार को बड़ा झटका लगा है. भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में पहली बार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है. गुरुवार (10 सितंबर) को बचत भवन में आयोजित चुनाव में बीजेपी समर्थित भूपेंद्र सिंह सिसोदिया अध्यक्ष और भारत सिंह कलान्टा उपाध्यक्ष चुने गए.
अध्यक्ष पद के लिए भूपेंद्र सिंह सिसोदिया को 13 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र रेटका को 10 मत प्राप्त हुए. इस चुनाव में दो वोट रद्द हुए. वहीं उपाध्यक्ष पद पर भारत सिंह कलान्टा को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस की मीनाक्षी को 10 मत मिले और एक वोट रद्द हुआ.
शिमला जिला परिषद की कुर्सी पर फैसला आज, बचत भवन पहुंचे अनिरुद्ध सिंह
कांग्रेस के गढ़ में बीजेपी ने लगाई सेंध
बता दें कि करीब 102 दिनों के लंबे इंतजार के बाद हुए इस चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस के गढ़ माने जाने वाले शिमला जिला परिषद में सेंध लगा दी है. अब तक जिला परिषद में कांग्रेस का ही वर्चस्व रहा था. 25 सदस्यीय परिषद में बीजेपी और कांग्रेस दोनों के पास स्पष्ट बहुमत नहीं था और दो निर्दलीय सदस्यों की भूमिका निर्णायक मानी जा रही थी.
इस जीत के साथ बीजेपी ने शिमला में जश्न मनाना शुरू कर दिया है. वहीं सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस की हार को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है. शिमला जिले के आठ में से सात विधायक कांग्रेस के हैं और राज्य सरकार में जिले से तीन कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं.
बीजेपी की अहम जीत
इसके बावजूद जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पद बीजेपी के खाते में जाने से प्रदेश की राजनीति में इस परिणाम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. शिमला जिला परिषद के कुल 25 सदस्य हैं, 11 पर बीजेपी जीती थी जबकि 10 पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी. जीत के लिए कुल 13 सदस्यों की जरूरत थी. बीजेपी दो निर्दलीय पर पहले ही दावा पेश कर चुकी थी.
चुड़ैल की रात: हिमाचल में आज से खौफ में कटेंगी 2 रातें, जानें क्या है वजह