
जहरीली शराब कांड के बाद सागर जिला प्रशासन ने शराब माफियाओं के खिलाफ अब बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया है. अवैध शराब के कारोबार से जुड़े मुख्य आरोपियों की चिन्हित संपत्तियों पर प्रशासन ने भारी पुलिस बल के बीच ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है. कार्रवाई के दौरान तीन मुख्य आरोपियों के मकान और गोदामों को जमींदोज किया जा रहा है. बुधवार (09 सितंबर) को सीएम डॉ. मोहन यादव ने सागर में शराब कांड की समीक्षा के दौरान सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
प्रशासन की इस कार्रवाई से बंडा क्षेत्र में शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि राजस्व रिकॉर्ड और अन्य इनपुट के आधार पर ऐसी संपत्तियों को चिन्हित किया गया है, जिन पर प्रशासन ने कार्रवाई की है.
बुलडोजर एक्शन के लिए 3 टीमों ने संभाला मोर्चा
कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने तीन विशेष टीमें गठित की हैं. ये टीमें पुलिस बल के साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर चिन्हित संपत्तियों पर कार्रवाई कर रही हैं. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है.
सागर में 5 जगहों पर कार्रवाई, निशाने पर 3 मुख्य आरोपी
प्रशासन की कार्रवाई फिलहाल पांच अलग-अलग स्थानों पर चल रही है. जिन प्रमुख आरोपियों की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आई हैं, उनमे सरपंच चंद्रभान राजपूत, मनीष लोधी और आशीष साहू शामिल हैं. इनसे जुड़ी चिन्हित संपत्तियों में मकान और गोदाम शामिल बताए जा रहे हैं. प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
जहरीली शराब कांड के बाद अवैध शराब नेटवर्क पर शिकंजा
सागर के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद जिला प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार अवैध शराब के नेटवर्क पर शिकंजा कस रहे हैं. गिरफ्तारियों और अवैध शराब की जब्ती के बाद अब आरोपियों की संपत्तियों पर बुलडोजर चलने से कार्रवाई और आक्रामक हो गई है.
कटनी: वाटर टैक्स वसूली के खिलाफ कांग्रेस का मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी