
मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है. बुधवार (9 सितंबर) को सागर पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर नीचे से लेकर ऊपर तक पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
बंडा क्षेत्र में शनिवार-रविवार को जहरीली शराब पीने से 26 लोगों की मौत हो गई. जबकि 50 से अधिक पीड़ितों अस्पताल भर्ती है. कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार 15 लोगों की मौत हुई है. इस कांड से पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अवैध शराब के खिलाफ व्यापक कार्रवाई के साथ नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए.
अवैध शराब के खिलाफ पूरे क्षेत्र में जांच अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जिले के साथ-साथ आसपास और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी गहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जहां भी संदिग्ध गतिविधि की आशंका हो, वहां तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने अवैध जहरीली शराब बनाने और बेचने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को भी जब्त करने के निर्देश दिए, ताकि दोबारा ऐसी गतिविधियों को अंजाम नहीं दिया जा सके.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्रवाई निष्पक्षता और विवेकशीलता के साथ की जाए. अपराधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति को कार्रवाई में नहीं फंसाया जाए.उन्होंने कहा कि सरकार अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है.
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अफवाह फैलाने वालों पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए अनावश्यक अफवाह फैलाने वालों पर भी कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शांति और सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से अफवाह फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए.
‘प्रशासन को कार्रवाई के लिए दिया गया है फ्री हैंड’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में अवैध शराब के मामलों में कठोर कानून का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के तहत हत्या से लेकर आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान है.
उन्होंने कहा कि प्रशासन को कार्रवाई के लिए फ्री हैंड दिया गया है और जहां भी जरूरत महसूस हो, वहां कठोर कार्रवाई की जाए. अवैध अतिक्रमण या अवैध शराब का नेटवर्क चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि दूसरे राज्यों से अवैध शराब की आपूर्ति पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
नशा मुक्ति अभियान में समाज की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब और अन्य नशे से होने वाले नुकसान को देखते हुए पूरे प्रदेश में नशा मुक्ति अभियान को गति देने की जरूरत है. इसमें धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं को भी जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि बंडा की घटना में एक ही परिवार के कई सदस्यों के प्रभावित होने की घटनाएं बेहद कष्टकारी हैं. ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए सरकार के साथ समाज को भी मिलकर प्रयास करना होगा.
बीएमसी पहुंचकर विभिन्न वार्डों में पीड़ितों से मिले सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर बंडा के जहरीली शराब मामले में उपचाररत मरीजों का हाल जाना. उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में जाकर मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर स्थिति में उनके साथ खड़ी है. उन्होंने चिकित्सकों को मरीजों का सर्वोत्तम उपचार उपलब्ध कराने और आवश्यक दवाओं, जांच तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों की व्यवस्था 24 घंटे सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार की प्रगति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रत्येक मरीज के पास जाकर उनके स्वास्थ्य की स्थिति देखी. पीड़ितों के परिजनों से पूछा ’’परिवार में कौन-कौन है? चिंता मत करिए, सरकार हर स्थिति में आपके साथ खड़ी है.’’ मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार और सांत्वना भरे शब्दों से पीड़ित परिवारों की आंखों में आस और ढांढस साफ नजर आया.
पुलिस-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की बैठक
इसके बाद मुख्यमंत्री ने बीएमसी सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था एवं घटना से जुड़े मामलों की समीक्षा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मजबूत रहे और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
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