
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अमरवाड़ा कान्हा नेशनल पार्क से भटककर , तामिया और जुन्नारदेव (जामई) क्षेत्र में पहुंचे एक विशाल जंगली हाथी की मौजूदगी से पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है. क्षेत्र में लगातार छाए घने कोहरे, बारिश और बेहद कम दृश्यता का फायदा उठाकर हाथी लगातार रिहाइशी बस्तियों और खेतों की ओर रुख कर रहा है.
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. प्रभावित ग्रामीण इलाकों में लगातार मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और जंगलों व खेतों की तरफ अकेले न जाने की सख्त हिदायत दी जा रही है.
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हाथी के हमले में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल
हाथी की इस खतरनाक गतिविधि के दौरान अब तक दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. पहली घटना अमरवाड़ा के चिखली चनेरी गांव में घटी, जहां खेत में काम कर रहे किसान सुरेश कुमरे पर हाथी ने अचानक हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके बाद बीजाढाना निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग चतुर्दशी पिता दसनलाल शीलू उस वक्त हादसे का शिकार हो गए जब वे दोपहर में धुंध के बीच अपने बैल चरा रहे थे. हाथी ने उन्हें उठाकर दूर फेंक दिया, जिससे उनके बाएं पैर में गंभीर चोट आई. फॉरेस्ट कर्मी सोनू भलावी की त्वरित मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.
खेतों में भारी तबाही और प्रशासनिक मुआवजा का आश्वासन
इंसानों पर जानलेवा हमले करने के साथ-साथ हाथी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है. तामिया के कमडोरा निवासी किसान सतीश के खेत में घुसकर हाथी ने करीब डेढ़ एकड़ की खड़ी फसल को पूरी तरह रौंदकर तबाह कर दिया है. पश्चिम वनमंडल अधिकारी साहिल गर्ग के अनुसार, 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में सतर्कता बढ़ा दी गई है और हाथी की सटीक लोकेशन पर नजर रखी जा रही है. जुन्नारदेव एसडीएम राजनंदनी सिंह ने आश्वस्त किया है कि जांच के बाद सभी प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा.
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