
Krishna Janmashtami 2026: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में विदेशी राजनयिकों की भी गहरी आस्था देखने को मिली. दक्षिण अमेरिकी देश सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हरिद्वार की धार्मिक यात्रा पर पहुंचीं.
उन्होंने मां मनसा देवी और सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और दुनिया की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की. इस दौरान उन्होंने निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद भी लिया.
‘यहां आकर मिली आत्मिक शांति, शब्दों में बयां करना मुश्किल’
मंदिरों में दर्शन और पूजन के बाद सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम ने अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि देवभूमि और तीर्थनगरी हरिद्वार में आकर उन्हें एक अलौकिक शांति और आंतरिक संतोष की अनुभूति हुई है.
राजदूत ने भावुक होते हुए कहा, “यहां आकर जो अंदर से शांति महसूस हो रही है, उसे शब्दों में बांधना बेहद कठिन है. सनातन परंपरा के इन पावन स्थलों पर आकर मैं खुद को बेहद सौभाग्यशाली और सम्मानित महसूस कर रही हूं.” उन्होंने भारतीय संस्कृति, मां गंगा और यहां की संत परंपरा के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की.
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने की राजदूत की सादगी की सराहना
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने राजदूत हनीशा जयराम का स्वागत करते हुए उनके सरल और धार्मिक स्वभाव की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि सूरीनाम की राजदूत का भारत और सनातन धर्म के प्रति गहरा लगाव है.
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बातचीत में बताया:
- सनातन से जुड़ाव: राजदूत ने मां मनसा देवी और दक्षिण काली मंदिर में पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की.
- भारत-सूरीनाम संबंध: हनीशा जयराम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने की प्रबल इच्छा रखती हैं. उन्होंने आगे भी धर्मनगरी आते रहने का संकल्प दोहराया है.
- केदारनाथ यात्रा की इच्छा: राजदूत बाबा केदारनाथ के दर्शन की भी इच्छुक थीं, लेकिन वर्तमान मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें फिलहाल यह यात्रा टालने का सुझाव दिया गया है.
कांगड़ा आश्रम में धूमधाम से मना कान्हा का जन्मोत्सव
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने देश और दुनिया भर के सनातनियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण पूरे संसार के ‘जगतगुरु’ हैं और उनका जीवन समूची मानवता को प्रेम, कर्म और धर्म का मार्ग दिखाता है.
हरिद्वार स्थित कांगड़ा आश्रम में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का पर्व हर्षोल्लास और वैदिक परंपरा के साथ मनाया जा रहा है. महाराज श्री ने सभी श्रद्धालुओं से आश्रम पहुंचकर कान्हा के जन्मोत्सव में शामिल होने और प्रसाद ग्रहण करने का आह्वान किया.
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