
जिस भवन में बच्चों के भविष्य की नींव मजबूत होनी थी, उसी की दीवारें उद्घाटन से पहले ही सीलन से जूझ रही हैं. हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्थित सांदीपनी स्कूल (सीएम राइज स्कूल) की. जिले के औद्योगिक क्षेत्र पड़क्का में करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा संदीपनी विद्यालय अभी शुरू भी नहीं हुआ और बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
करोड़ों की लागत से तैयार हो रहे इस स्कूल परिसर में पहली ही बारिश में छत टपकने, कमरों में पानी भरने और ड्रेनेज सिस्टम फेल होने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं. लोगों का कहना है कि पहली बारिश में ये हाल है तो आने वाले समय में इसका क्या होगा?
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स्कूल निर्माण में लापरवाही की खुली पोल
दरअसल, मैहर जिले के अमरपाटन के पड़क्का में कई एकड़ पर संदीपनी विद्यालय का तीन मंजिला भवन बनाया जा रहा है. कुछ ही दिनों बाद इसका लोकार्पण होना है, लेकिन इससे पहले ही भवन के कमरों में जगह-जगह सीलन नजर आने लगी है. बारिश का पानी कमरों के अंदर प्रवेश करने की बात भी सामने आई है. मौके पर उप प्राचार्य के निरीक्षण के दौरान भवन के कई हिस्सों में नमी और सीलन दिखाई दी.
सुधार कार्य के निर्देश
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस प्रोजेक्ट पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, उसकी निर्माण गुणवत्ता पर निगरानी आखिर कितनी गंभीरता से की गई? विद्यालय के उप-प्राचार्य जयशंकर गौतम ने बताया कि भवन का निर्माण प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) के अंतर्गत कराया जा रहा है और इसका काम मोहनलाल कंस्ट्रक्शन को दिया गया है. निरीक्षण के दौरान सीलन सामने आने के बाद ठेकेदार को जल्द सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए गए हैं.
हालांकि, सिर्फ लीकेज ठीक कर देना ही पर्याप्त नहीं होगा. सवाल यह भी है कि अगर भवन उद्घाटन से पहले ही बारिश का पानी अंदर आने लगा है, तो आने वाले वर्षों में इसकी मजबूती और टिकाऊपन कितना भरोसेमंद होगा? करोड़ों की लागत से तैयार हो रहे ये विद्यालय बच्चों के भविष्य के साथ-साथ सरकारी धन की सुरक्षा भी जुड़ा है. ऐसे में निर्माण की गुणवत्ता की जांच, जिम्मेदारी तय करने और यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि उद्घाटन से पहले सामने आई खामियां कहीं भविष्य की बड़ी समस्या का संकेत तो नहीं हैं.