
Eid Milad-un-Nabi 2026: अजमेर, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन यानी ईद मिलादुन्नबी (बारावफात) के खास मौके पर अजमेर की मशहूर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है. दरगाह में की गई रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों की सजावट यहां आने वाले लोगों का दिल जीत रही है.
कुदरती फूलों और आधुनिक लाइटिंग से महका परिसर
ईद मिलादुन्नबी के पावन पर्व को लेकर दरगाह शरीफ में पिछले कई दिनों से तैयारियां जोरों पर चल रही थीं. पूरे परिसर को खास अंदाज में सजाने के लिए विशेष कारीगरों और डेकोरेटर्स को बुलाया गया है. मुख्य गुंबद, बुलंद दरवाजा, महफिल खाना, संदल खाना और शाहजहानी मस्जिद समेत सभी ऐतिहासिक दरवाजों व बरामदों को आकर्षक एलईडी और रंगीन फानूसों से सजाया गया है.
- फूलों की महक: दरगाह के आस्ताने और मुख्य द्वारों को देश के विभिन्न राज्यों से मंगाए गए विशेष किस्म के सुगंधित और ताजे फूलों से सजाया गया है.
- तैयारी का समय: पूरी सजावट और लाइट डेकोरेशन को अंतिम रूप देने में कारीगरों को करीब 4 से 5 दिन का वक्त लगा है.
- समिति का जिम्मा: इस पूरी भव्य सजावट और रोशनी का संपूर्ण खर्च अंजुमन सैयद जादगान कमेटी की ओर से उठाया गया है.
शाम ढलते ही दिखा अलौकिक नजारा
जैसे ही सूरज ढलता है और दरगाह शरीफ में लाइटें रोशन होती हैं, पूरा परिसर दूधिया और बहुरंगी रोशनी से जगमगा उठता है. शाम के समय इस नूरानी मंजर को देखने और अपने कैमरों में कैद करने के लिए दरगाह के आहाते में अकीदतमंदों की भारी भीड़ उमड़ रही है. अकीदतमंद दरगाह की जियारत के साथ-साथ इस रूहानी नजारे का दीदार कर अमन-चैन की दुआएं मांग रहे हैं.
शहरभर में जश्न का माहौल
ईद मिलादुन्नबी को लेकर केवल दरगाह शरीफ ही नहीं, बल्कि अजमेर के अंदरूनी बाजारों, प्रमुख चौराहों और मुस्लिम बाहुल्य इलाकों जैसे नला बाजार, दरगाह बाजार, दिल्ली गेट और लाखन कोटरी में भी खास सजावट की गई है. शहर के विभिन्न हिस्सों में जलसे और महफिलों का दौर जारी है.
कमेटी का बयान
अंजुमन सैयद जादगान कमेटी के सदस्य सैयद वसीम ने बताया कि पैगंबर साहब के जन्मदिन के मुबारक मौके पर हर साल की तरह इस बार भी दरगाह शरीफ को खास रोशनी और फूलों से सजाया गया है. जायरीनों की सहूलियत, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमेटी और स्थानीय प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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