
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर और विधायक जीत राम कटवाल द्वारा पूछे गए सवाल के लिखित में जवाब दिया है. उन्होंने सदन को बताया कि हिमाचल प्रदेश में पिछले करीब दो वर्षों के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 33 हजार पद खाली हुए हैं. इनमें सबसे अधिक 10,853 पद शिक्षा विभाग में रिक्त हुए.
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार एक ओर रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है. वहीं, दूसरी ओर युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी और अंशकालीन आधार पर भी नियुक्तियां की गई हैं.
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11 हजार पद भरे गए
सरकार के अनुसार, करीब 11 हजार पद विभिन्न श्रेणियों में भरे गए हैं. इसके अलावा निजी क्षेत्र में भी हजारों रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए गए हैं, तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं.
बता दें कि रोजगार के मुद्दे को लेकर विधानसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस जारी है. विपक्ष सरकार से चुनावी वादों के तहत रोजगार उपलब्ध कराने की प्रगति पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार का दावा है कि भर्ती प्रक्रियाओं और स्वरोजगार योजनाओं के जरिए युवाओं को अवसर प्रदान किए जा रहे हैं.
नौकरियों में रिक्त पदों का मुद्दा गरमाया
इस बीच सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों का मुद्दा भी चर्चा में है. हाल ही में सरकार द्वारा अदालत में दाखिल एक हलफनामे के अनुसार, प्रदेश में स्वीकृत 3.36 लाख पदों में से 1.07 लाख से अधिक पद खाली हैं. इससे विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी का सवाल भी प्रमुखता से उठ रहा है.
विपक्ष ने रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा
इसी सवाल पर विपक्ष ने सदन से वॉकआउट भी किया. विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी ने चुनावों के वक्त प्रदेश के युवाओं को हर साल एक लाख नौकरियां देने और पांच साल में पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था. उस पर कांग्रेस पार्टी सही जवाब नहीं दे पा रही है. मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू आंकड़ों को उलझाकर पेश कर रहें हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुद्दे पर नियम 130 के तहत चर्चा होगी तब विपक्ष को जवाब दिया जाएगा.
शिक्षा, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, जल शक्ति और अन्य महत्वपूर्ण विभागों में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरना प्रशासनिक कार्यकुशलता और रोजगार सृजन दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण होगा. सरकार ने हाल ही में विभिन्न विभागों में नई भर्तियों और चरणबद्ध भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की बात भी कही है.
