धर्म

नाग पंचमी 2026: करियर, शादी या बिजनेस की बाधा? करें इन 5 नाग मंदिरों के दर्शन


Nag Panchami 2026: हर साल श्रावण (सावन) मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का त्योहार बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस बार यह पावन पर्व सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पड़ रहा है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नाग देव की पूजा करने से सर्पदोष और कालसर्प योग से मुक्ति मिलती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के मशहूर नाग मंदिरों का संबंध आपकी नौकरी, बिजनेस, मैरिड लाइफ और सेहत से भी जुड़ा है?

आइए जानते हैं भारत के 5 ऐसे प्रसिद्ध नाग मंदिरों के बारे में और यह भी कि अपनी खास परेशानी के हल के लिए आपको किस मंदिर का दर्शन करना चाहिए.

1. नागचंद्रेश्वर मंदिर (उज्जैन): करियर में रुकावट और कालसर्प दोष के लिए

महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में स्थित यह मंदिर साल में केवल एक बार—नाग पंचमी के दिन—ही 24 घंटे के लिए खुलता है.

किस परेशानी के लिए जाएं: अगर आपके करियर में बार-बार रुकावट आ रही है, पदोन्नति (Promotion) रुकी हुई है या कुंडली में भारी कालसर्प दोष है, तो नाग पंचमी पर यहां दर्शन करने से बंद किस्मत के ताले खुलते हैं.

2. कुक्के सुब्रह्मण्य मंदिर (कर्नाटक): बिजनेस में घाटा और कर्ज से मुक्ति के लिए

पश्चिमी घाट की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर सर्पदोष निवारण का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.

किस परेशानी के लिए जाएं: यदि आप बिजनेस में लगातार नुकसान झेल रहे हैं, नए स्टार्ट-अप में असफलता मिल रही है या शत्रुओं से भय रहता है, तो यहां ‘अश्लेषा बलि’ पूजा करवाने से व्यापार में वृद्धि होती है और आर्थिक तंगी दूर होती है.

3. मन्नारशाला नागराज मंदिर (केरल): संतान सुख और मैरिड लाइफ के लिए

हजारों नाग मूर्तियों से घिरा यह रहस्यमयी मंदिर घने जंगलों के बीच स्थित है. इस मंदिर की मुख्य पुजारी एक महिला (अम्मा) होती हैं.

किस परेशानी के लिए जाएं: जिन शादीशुदा जोड़ों की मैरिड लाइफ में तनाव चल रहा है या जिन्हें संतान सुख पाने में बाधा आ रही है, उनके लिए यह मंदिर वरदान माना जाता है. यहां ‘उरुली कझुक्कल’ (कांस्य का बर्तन चढ़ाने की) रस्म से मनचाही मुराद पूरी होती है.

4. नागराजा मंदिर (नागरकोइल, तमिलनाडु): बीमारियों और सेहत की समस्याओं के लिए

कन्याकुमारी के पास स्थित इस मंदिर के गर्भगृह की मिट्टी को ही मुख्य प्रसाद के रूप में दिया जाता है.

किस परेशानी के लिए जाएं: यदि आप या आपके परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से बीमार है, या फिर स्किन (त्वचा) संबंधी समस्याओं से परेशान है, तो यहां दर्शन करने और गीली मिट्टी का लेप लगाने से असाध्य रोगों से राहत मिलती है.

5. श्री नाग वासुकी मंदिर (प्रयागराज): मानसिक तनाव और रिश्तों के कलह के लिए

प्रयागराज में संगम तट पर स्थित यह प्राचीन मंदिर वासुकी नाग को समर्पित है.

किस परेशानी के लिए जाएं: अगर आपके रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ गई हैं, परिवार में आए दिन गृह-क्लेश रहता है या आप डिप्रेशन और मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, तो संगम स्नान के बाद यहां दर्शन करने से मन शांत होता है और रिश्तों में मिठास लौटती है.

नाग पंचमी 2026 के दिन (17 अगस्त) सुबह 05:51 बजे से 08:29 बजे तक पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त रहेगा. अपने ग्रह-दोष और परेशानियों के अनुसार सही मंदिर का चयन कर आप भी नाग देव का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

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