धर्म

Third Sawan Somwar 2026: सावन शिवरात्रि के बाद 17 अगस्त शिव पूजा का सबसे दुर्लभ दिन, बन रहा महासंयोग


Third Sawan Somwar 2026: सावन शिवरात्रि के बाद 17 अगस्त 2026 को शिव पूजा का महासंयोग बन रहा है. इस दिन सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी दोनों एकसाथ है. इसे सोमवती नागपंचमी कहा जाता है. नाग देवता शिव के प्रिय भक्त माने जाते हैं. वासुकी नाग महादेव के गले का आभूषण बन शोभा बढ़ाते हैं. शिव जी को नागभूषण भी कहा जाता है. 

नाग पंचमी और सावन सोमवार एकसाथ होने से कैसे करें शिव और नाग देवता का पूजन, क्या है शुभ मुहूर्त देखें. 

नाग और शिव का संबंध क्या दर्शाता है

  • शिव को पशुपति कहा जाता है. उनके स्वरूप में नागों का आभूषण बनना यह दर्शाता है कि उनके लिए भयावह माने जाने वाले जीव भी उनके अधीन और उनके संरक्षण में हैं.
  • नाग विष का प्रतीक है जबकि शिव नीलकंठ हैं, जिन्होंने हलाहल विष को अपने कंठ में धारण किया. इसलिए शिव के कंठ में वासुकि का होना उनके विष, भय और मृत्यु पर नियंत्रण की धार्मिक प्रतीकात्मकता से भी जोड़ा जाता है.

नाग पंचमी पूजा विधि

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थान को साफ करें.
  • चौकी पर हल्दी मिले चंदन से नाग देवता की आकृति बनाएं या नाग की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करें. 
  • सबसे पहले गणेश जी और भगवान शिव का स्मरण करें.
  • इस दिन सावन सोमवार भी है. ऐसे में शिव जी का अभिषेक करें और फिर शिवलिंग पर विराजमान नाग देवता की भी पूजा करें.
  • नाग देवता को चंदन, हल्दी-कुमकुम, अक्षत और पुष्प अर्पित करें.
  • धूप और दीप जलाकर नैवेद्य लगाएं. परंपरा के अनुसार खील, दूध, चीनी या खीर का भोग लगाया जाता है.
  • नाग देवता से परिवार की सुख, शांति और सर्प भय से रक्षा की प्रार्थना करें.
  • अभगवान शिव का पूजन और महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप कर सकते हैं.

नाग पंचमी पूजा मंत्र

सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले.

ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः॥

ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः.

ये च वापीतडगेषु तेषु सर्वेषु वै नमः॥

नाग पंचमी पर न करें ये काम

  • जीवित सांप को पकड़कर पूजा न करें और न ही उसके साथ छेड़छाड़ करें. नाग देवता की प्रतिमा या चित्र पर दूध का प्रतीकात्मक भोग लगाना बेहतर है.
  • सांप के मुंह में दूध जबरदस्ती न डालें. धार्मिक आस्था के साथ जीव की सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए.
  • पूजा के नाम पर सांप को रंग, सिंदूर, हल्दी या अन्य पदार्थ सीधे न लगाएं.
  • नाग पंचमी पर भूमि खोदने, जुताई और काटने-छीलने जैसे कार्यों से बचें.

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