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98% मांगें मानी, लेकिन CBI जांच पर फंस गया पेच… आज झारखंड विधानसभा का घेराव करेंगे छात्र | jharkhand student protest jpsc jssc exam irregularities students vidhan sabha gherao 10 august



रांची:

झारखंड में भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितता को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. सरकार का दावा है कि आंदोलनकारी छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. छात्रों के प्रदर्शन के बीच रविवार को झारखड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) के तीन सदस्यों का इस्तीफा भी हो गया है. लेकिन छात्रों का आंदोलन अभी भी जारी है. छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है. वहीं, सरकार ने छात्रों से विधानसभा मार्च स्थगित करने की अपील की है.

JPSC और झारखंड सिविल सर्विस कमीशन (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलन कर रहे हैं. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से भूख हड़ताल कर रहे हैं. 

छात्रों का आंदोलन खत्म करने और देवेंद्र नाथ महतो का अनशन तुड़वाने की कोशिश सरकार कर रही है. रविवार को सरकार ने छात्रों से छठे दौर की बातचीत भी की, लेकिन ये भी बेनतीजा निकली. कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग को छोड़कर बाकी सभी मांगों को मान लिया गया है. वहीं, छात्रों का कहना है कि जब तक सारी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

10 अगस्त को छात्रों का विधानसभा मार्च

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच की ओर से 10 मार्च को विधानसभा मार्च का ऐलान किया गया है. मंच की ओर से सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया गया है कि मार्च सुबह 9 बजे से शुरू होगा. छात्रों का ये मार्च पुराना विधानसभा ग्राउंड से शुरू होकर नए विधानसभा तक जाएगा.

इस ऐलान के बाद से शनिवार से ही झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंच रहे हैं. छात्र ट्रेन, बस और अन्य वाहनों के जरिए रांची आ रहे हैं.

छात्रों के इस बड़े मूवमेंट ने झारखंड प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. छात्रों को रांची पहुंचने से रोकने के लिए रास्ते में जगह-जगह बसों और अन्य वाहनों की जांच की जा रही है.

प्रशासन की कोशिश है कि कम से कम संख्या में छात्र रांची पहुंचें, जबकि छात्र विधानसभा घेराव के लिए बड़ी संख्या में जुटने की तैयारी में हैं.

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद कहा, ‘हमारी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं, जिनमें 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द किया जाना भी शामिल है. हालांकि, जब तक CBI जांच की हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती, हम कोई समझौता नहीं करेंगे. हम 10 अगस्त को तय योजना के तहत झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करेंगे.’

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CBI जांच को छोड़कर सारी मांगें मानी

रविवार को छात्रों और सरकार के बीच छठे दौर की बातचीत हुई. बातचीत के बाद झारखंड के तकनीकी और उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार ने 98 फीसदी मांगें मान ली हैं, लेकिन वह JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच की मांग को मानने की स्थिति में नहीं है, क्योंकि यह परीक्षा हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में आयोजित की गई थी.

उन्होंने कहा कि ‘हमारी छात्रों के साथ सकारात्मक बातचीत हुई. सरकार JPSC की परीक्षा में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की ED से जांच कराने की सिफारिश करेगी. अब उन्हें तय करना है कि आंदोलन वापस लेना है या नहीं.’

कुमार ने परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान भी किया. उन्होंने कहा कि ऐसे मामले में चार्जशीट 90 दिन के भीतर दाखिल की जाएगी.

कुमार ने कहा, ‘परीक्षा में सुधार से जुड़े सुझाव देने के लिए IIT-ISM धनबाद, IIM रांची और XLRI जमशेदपुर के विशेषज्ञों को लेकर एक समिति भी बनाई जाएगी.’

उन्होंने बताया कि सरकार ने JSSC-CGL परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने की भी सहमति जता दी है.

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CM ने दिलाया भरोसा- छात्रों को मिलेगा न्याय

इससे पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पारदर्शिता के साथ न्याय दिलाने का वाका किया. उन्होंने कहा कि बातचीत से ही सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है, लाठी-डंडे से नहीं.

उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंता उनकी भी चिंता है और परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, राज्यपाल संतोष सिंह गंगवार ने भी छात्रों से अपील की कि वे इस मामले को आंदोलन के बजाय ‘बातचीत’ के जरिये सुलझाएं. उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे प्रदर्शनकारियों के लिए हमेशा खुले हैं.

JPSC के तीनों सदस्यों का इस्तीफा

JPSC के तीनों सदस्यों ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. लोक भवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं.

कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने तीनों को पूछताछ के लिए तलब किया था. अधिकारियों ने बताया कि JMM नेता सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी अजीता भट्टाचार्य से 10 अगस्त, अहमद से 12 अगस्त और हांसदा से 14 अगस्त को पूछताछ होगी.

तीनों सदस्यों की नियुक्ति सितंबर 2021 में की गई थी. JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि खियांग्ते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है.

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