
Hindi Panchang, 1 August 2026: आज सावन माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि और शनिवार है. शुक्र आज अपनी नीच राशि कन्या में गोचर करेंगे. सावन का शनिवार होने के कारण आज भगवान शिव के साथ शनि देव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन शनि मंदिर में सरसों का तेल अर्पित करना, पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाना और जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द या लोहे का दान करना शुभ फलदायी होता है.
शनिवार को बिना कारण किसी का अपमान करना, झूठ बोलना, मांस-मदिरा का सेवन करना, लोहे की अनावश्यक खरीदारी करना और किसी से विवाद करना शुभ नहीं माना जाता.
1 अगस्त का पंचांग 2026 (Hindi Panchang 1 August 2026)
तिथि – तृतीया (31 जुलाई 2026, रात 10.31 – 1 अगस्त 2026, रात 11.07 तक)
वार – शनिवार
नक्षत्र – शतभिषा (रात 8.45 तक), इसके बाद पूर्वाभाद्रपद
योग – शोभन
सूर्योदय – सुबह 5.55 बजे (लगभग)
सूर्यास्त – शाम 7.12 बजे (लगभग)
चंद्रोदय – रात 9.09 बजे
चंद्रोस्त – सुबह 8.21 बजे
चंद्र राशि – कुंभ
चौघड़िया पूजा मुहूर्त
सुबह का चौघड़िया – सुबह 5.55 से सुबह 10.58 तक
शाम का चौघड़िया – शाम 5.33 से शाम 7.12 तक
राहुकाल और अशुभ समय (Rahu Kaal)
राहुकाल – सुबह 9.18 से सुबह 10.57
यमगण्ड काल – दोपहर 1.56 से दोपहर 3.35
गुलिक काल – सुबह 5.55 से सुबह 7.37
पंचक – पूरे दिन
ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 1 August 2026)
सूर्य – कर्क
चंद्रमा – कुंभ
मंगल – वृषभ
बुध – कर्क
गुरु – मिथुन
शुक्र – कन्या
शनि – मीन
राहु – कुंभ
केतु – सिंह
1 अगस्त 2026 का राशिफल
मेष राशि (Aries)
रिटेल-होलसेल व्यापार में रिकॉर्ड बिक्री और सरकारी लोन पास होने के योग हैं. कार्यक्षेत्र में नए संपर्क करियर को गति देंगे, हालांकि काम से जुड़ी यात्राओं में अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा.
वृषभ राशि (Taurus)
नया शोरूम या ऑफिस शुरू करने के लिए दिन शुभ है और व्यापारिक समस्याओं का समाधान मिलेगा. नौकरी में प्रदर्शन बेहतर रहेगा, लेकिन अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा.
मिथुन राशि (Gemini)
शोभन योग से नई डील या बड़ा ऑर्डर मिलने की संभावना है और आईटी-बैंकिंग क्षेत्र के लोगों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. कोर्ट-कचहरी के मामलों में समझौते का रास्ता अपनाना बेहतर रहेगा.
कर्क राशि (Cancer)
ग्रहण दोष के कारण व्यापार और धन संबंधी मामलों में सतर्क रहें, सहकर्मियों की राजनीति से दूरी बनाएं. बॉस से तालमेल रखें और स्वास्थ्य व प्रेम संबंधों में लापरवाही न करें.
सिंह राशि (Leo)
विदेशी ऑर्डर मिलने और कार्यस्थल पर प्रतिष्ठा बढ़ने के योग हैं. भद्रा काल (सुबह 10:53 से रात 11:08 बजे तक) में नया कार्य शुरू करने से बचें.
कन्या राशि (Virgo)
शोभन योग से बड़ा आर्थिक लाभ और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है.
तुला राशि (Libra)
नई तकनीक और ऑनलाइन माध्यम से व्यापार में अच्छा लाभ मिलेगा. नौकरी में भाग्य का साथ रहेगा और परिवार के साथ धार्मिक यात्रा का योग बन सकता है.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
ग्रहण दोष के कारण ऑनलाइन कारोबार और निवेश में सावधानी रखें, गोपनीय बातें किसी से साझा न करें. नौकरी में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें.
धनु राशि (Sagittarius)
व्यापार में खर्चों पर नियंत्रण रखें, ईमानदारी से किए गए कार्यों का लाभ मिलेगा. नौकरी में सीखने पर ध्यान दें और सामाजिक कार्यों में भागीदारी बढ़ेगी.
मकर राशि (Capricorn)
शोभन योग से बड़ा बिजनेस कॉन्ट्रैक्ट और आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं. नौकरी में सम्मान, प्रमोशन और परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा.
कुंभ राशि (Aquarius)
शोभन योग से धन लाभ और नए निवेश के अवसर मिलेंगे. कार्यक्षेत्र में तालमेल बनाए रखें, बुजुर्गों के आशीर्वाद से रुके हुए कार्य पूरे होंगे.
मीन राशि (Pisces)
ग्रहण दोष के कारण व्यापारिक साझेदारी और पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें. ऑफिस में ई-मेल और बातचीत में संयम रखें, विवादों से दूर रहना ही लाभदायक रहेगा.
काला
(FAQ)
- शनिवार को लोहे का दान क्यों किया जाता है?
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार लोहा शनि ग्रह का कारक माना जाता है. शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को लोहे का दान करने से शनि की अशुभता कम होने और कर्मजनित बाधाओं में राहत मिलने की मान्यता है. - शनिवार को किन कामों से बचना चाहिए?
शनिवार को बिना कारण किसी का अपमान करना, झूठ बोलना, मांस-मदिरा का सेवन करना, लोहे की अनावश्यक खरीदारी करना और विवाद करना शुभ नहीं माना जाता. इन कार्यों से शनि की नाराजगी बढ़ने की मान्यता है. - पंचक में कौन-कौन से कार्य सावधानी से करने चाहिए?
पंचक के दौरान धन का बड़ा निवेश, महत्वपूर्ण लेन-देन, लंबी यात्रा और जोखिम वाले कार्य सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है. हालांकि, अलग-अलग पंचक के अनुसार नियमों में अंतर हो सकता है. - सावन के शनिवार को शनि और शिव की पूजा साथ में करने का क्या महत्व है?
सावन का शनिवार भगवान शिव और शनिदेव दोनों की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है. इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक, शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करना और पीपल के नीचे दीपक जलाना शुभ फलदायी माना जाता है.
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