मध्य प्रदेश

दतिया उपचुनाव: बंपर वोटिंग के किसको फायदा? 3 अगस्त को नतीजे


मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के तहत गुरुवार (30 जुलाई) को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न हो गया और शाम छह बजे तक करीब 72 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम छह बजे समाप्त हुआ. मतगणना तीन अगस्त को होगी. जिला निर्वाचन अधिकारी और दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखड़े ने मीडिया से कहा कि मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं का पहुंचना शुरू हो गया था और लोगों ने उत्साह के साथ अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

उन्होंने कहा, ‘‘मतदान पूरी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ. 71.40 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. यह संख्या अभी बढ़ सकती है. कहीं से न तो कोई शिकायत मिली है और न ही कोई अप्रिय घटना हुई है. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में यहां अब तक का सर्वाधिक 80.20 फीसदी मतदान हुआ था.”

मतदान के लिए बनाए गए थे 291 केंद्र

वानखड़े ने कहा कि सभी मतदान केन्द्रों से आंकड़े आ जाने के बाद आधिकारिक रूप से मतदान फीसदी की घोषणा की‌ जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि मतदान के लिए विधानसभा क्षेत्र में कुल 291 केंद्र बनाए गए थे जिन पर 2,20,344 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर 21 उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत का फैसला करने वाले हैं. कुल 291 मतदान केंद्रों में से 186 ग्रामीण क्षेत्रों में जबकि 105 शहरी क्षेत्रों में थे. कुल पात्र मतदाताओं में 1,16,088 पुरुष और 1,04,246 महिलाएं हैं.

मतदान के दौरान सत्ता का खुलकर दुरुपयोग- कांग्रेस

मतदान के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे. इस बीच, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मतदान के दौरान सत्ता का खुलकर दुरुपयोग किया गया. पार्टी ने ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि रामसागर के पोलिंग क्रमांक 51 से कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को बिना कारण बताए पुलिस अपने साथ ले गई ताकि निष्पक्ष मतदान प्रक्रिया प्रभावित हो और ‘बूथ कैप्चरिंग’ हो सके.

कांग्रेस ने कहा, ‘‘चुनाव आयोग तत्काल हस्तक्षेप करे, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे. यदि चुनाव के दौरान विपक्ष के पोलिंग एजेंट को ही हटाया जाएगा, तो लोकतंत्र की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठना स्वाभाविक है.’’

किसी भी एजेंट के साथ ऐसी घटना नहीं हुई- DM

इस आरोपों के बारे में जब वानखड़े से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी भी एजेंट के साथ ऐसी घटना नहीं हुई. उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र के बाहर खड़े कुछ लोगों को वहां से जरूर हटाया गया और इनमें भाजपा और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी थे. अधिकारियों ने बताया कि मतदान के मद्देनजर सुरक्षा बलों की 16 कंपनियां तैनात की गई थीं, इसके साथ ही शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के लिए एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया था. मतदान के दौरान भी पुलिस और प्रशासन की चौकसी रही और संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी गई. 

दतिया उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार

पुलिस ने दूसरे जिलों से सटी सीमाओं पर भी सघन तलाशी अभियान चलाया. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दतिया सीट पर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है जबकि कांग्रेस ने घनश्याम सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है. आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी चुनाव मैदान में हैं और वह मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर रहे हैं. इन तीनों के अलावा 18 अन्य उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं, जो प्रमुख राजनीतिक दलों के चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं.

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने किया जीत का दावा

कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने वोट डालकर लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी निभाई और मीडिया से चर्चा करते हुए दावा किया कि उन्हें क्षेत्र की जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है और निश्चित रूप से कांग्रेस की जीत होगी. भाजपा प्रत्याशी तिवारी ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर भाग ले रही है और उन्हें विश्वास है कि मतदाता विकास एवं सुशासन के पक्ष में अपना निर्णय देंगे.

बीजेपी प्रत्याशी की होगी जीत- नरोत्तम मिश्रा

राज्य के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी मतदान किया और भाजपा प्रत्याशी की जीत का दावा किया. आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव ने मतदान के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र के महापर्व में लोग बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी निभा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, जिसे देखकर उन्हें खुशी है. इस बीच, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोकतंत्र की जीत के लिए कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता मोर्चे पर डटे हुए हैं! दतिया ने मप्र की ‘सरकारी अराजकता’ को करारा जवाब देने का मन बना लिया है.’’

बीजेपी ने आशुतोष तिवारी पर लगाया है दांव

इससे पहले, मुख्यमंत्री मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पटवारी सहित कई अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट कर मतदाताओं से भारी संख्या में मतदान करने की अपील की. भाजपा ने इस उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं दिया और RSS की पृष्ठभूमि से आने वाले आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया. वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से हराया था.

हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी जिसके बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया.

दतिया उपचुनाव: वोटिंग के बीच विकास की मांग पर बवाल, ग्रामीण बोले- सड़क नहीं तो वोट नहीं



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button