

नई दिल्ली:
इन दिनों लंबी फिल्मों का दौर है. पहले धुरंधर 2 आई और अब हाल ही में जन नायगन रिलीज हुई है जो तीन घंटे तीन मिनट की है. अब जब लंबी फिल्मों की बात चली है तो आइए एक नजर हिंदी सिनेमा की उन फिल्मों पर डालते हैं जिन्होंने लंबाई के मामले में रिकॉर्ड बना डाले. लेकिन आप जानते हैं ये सबसे लंबी फिल्म है कौन सी? अगर नहीं तो लीजिए हम आपको बताए देते हैं. हिंदी सिनेमा की सबसे लंबी फिल्मों में से एक 2003 में रिलीज हुई थी. इसके डायरेक्टर जे.पी. दत्ता थे.
ये फिल्म है ‘एलओसी: कारगिल’. करीब 4 घंटे 15 मिनट (255 मिनट) लंबी है. यह फिल्म 1999 के कारगिल युद्ध पर आधारित देशभक्ति की कहानी बताती है, जिसमें भारतीय सैनिकों की बहादुरी और बलिदान को दर्शाया गया.
13 स्टार, बॉक्स ऑफिस पर फिर भी नहीं हुआ बेड़ा पार
‘एलओसी: कारगिल’ में कई बड़े सितारे नजर आए. प्रमुख कलाकारों में संजय दत्त, अजय देवगन, सैफ अली खान, अक्षय खन्ना, सुनील शेट्टी, अभिषेक बच्चन, मनोज बाजपेयी, आशुतोष राणा, मोहनीश बहल और संजय कपूर शामिल थे. कुल मिलाकर करीब 13 कलाकारों ने इसमें काम किया, जिनमें कई सुपरस्टार और चरित्र अभिनेता थे. महिला कलाकारों में करीना कपूर, रवीना टंडन जैसी हस्तियां भी छोटी भूमिकाओं में थीं. जे.पी. दत्ता ने खुद निर्देशन और निर्माण किया.
फिल्म में कारगिल की ऊंची चोटियों पर लड़ाई, सैनिकों की पर्सनल लाइफ और परिवारों के दर्द को दिखाया गया. युद्ध के सीन रियलिस्टिक बनाए गए थे. लेकिन लंबाई इसकी सबसे बड़ी कमी साबित हुई. फिल्म की लंबाई ही इसके लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई.
बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह हुई पस्त
12 दिसंबर 2003 को रिलीज हुई ‘एलओसी: कारगिल’ की बॉक्स ऑफिस जर्नी बेहद निराशाजनक रही. फिल्म ने 33 करोड़ रुपये के बजट में
लगभग 31-32 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया. फिल्म बजट भी नहीं वसूल पाई. फिल्म को ना तो स्टार बचा सके और ना ही कहानी ही.
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आज भी यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में दर्ज है. देशभक्ति की भावना मजबूत होने के बावजूद लंबाई और कई किरदारों के कारण यह बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी की कहानी नहीं लिख सकी.





