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38 साल पुराना गाना, दूल्हे को बताया कद्दू तो दुल्हन को कहा घोड़ी, ऊषा मंगेशकर और अलका याग्निक की जुगलबंदी  | 38 year old wedding sangeet song sung by Usha Mangeshkar and Alka Yagnik groom calls kaddu and bride called mare 



नई दिल्ली:

शादियों का सीजन शुरू हो गया है, जिसमें कपड़े, खाना और मेकअप की तैयारियां तो लड़कियों ने कर ली होगी. लेकिन अगर हम कहें कि आप एक जरुरी चीज भूल रहे हैं, जो है डांस परफॉर्मेंस. घर की शादी में डांस के बिना कोई भी फंक्शन अधूरा है. इसीलिए हम आपको 38 साल पुराने उस गाने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें शादी के मौके पर दुल्हन की भाभी और दूल्हे की बहन ने मजेदार अंदाज में रंग जमाया था. यह गाना लता मंगेशकर की बहन ऊषा मंगेशकर और अल्का याग्निक की जुगलबंदी से सजा है, जिसे आज भी लोग सुनना पसंद करते हैं. वहीं तारीफ करते हुए ओल्ड इज गोल्ड कहते हैं. 

शादी के लिए परफेक्ट है 38 साल पुराना गाना

शादी के बैकग्राउंड में सजे जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वह गोविंदा की 1988 में आई फिल्म घर घर की कहानी का है, जिसमें ऋषि कपूर, जया प्रदा, अनीता राज, गोविंदा और फराह नाज अहम भूमिका में थे. यह तेलुगू फिल्म शांति का रीमेक थी. इसमें गोविंदा और फराह नाज की शादी के वक्त गाना आता है दुल्हे राजा की सूरत देखा बस एक दुम की कसर है. इस गाने को अलका याग्निक और उषा मंगेशकर ने गाया था. गाने में आशा और अमर की शादी दिखाई गई है, जिसमें आशा की भाभी और अमर की बहन उमा डांस करती हुईं नजर आती हैं.

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गाने के बोल 

दूल्हे राजा की सूरत देखो बस एक जरा दुम की कसर है
दय्या दुल्हन है या नीली घोड़ी लगाम कहीं इधर उधर है
तौबा दूल्हा है कैसा नदिदा 
देखो रे कहीं काट खायेगा 
अपनी दुल्हन का चेहरा छुपाओ
हमारा दूल्हा भाग जाएगा
देखो क्या बैगन सा साथी मिला दिखने में एकदम बुद्धू है
मैने भी सोचा था कि क्या 
मगर फूटे क्रम है धातु
खुल्ला घुंघटा तो देखा कद्दू
 ओढ़े हुए लाल चुनर है

घर घर की कहानी 

1988 में आई फिल्म को कादर खान और केशव राठौड़ ने लिखा था. जबकि कल्पतरू ने डायरेक्ट किया था. फिल्म की कहानी धनराज परिवार की है, जिसमें धनराज अपनी पत्नी के साथ सबसे बड़े बेटे की विधवा पत्नी और उसके दो बच्चे, दूसरा बेटा राम और पत्नी सीता, तीसरा बेटा अमर और बेटी उमा रहती है, जिसकी शादी लल्लू से होती है. लेकिन गरीब होने के कारण वह घर जमाई बन जाता है. फिल्म की कहानी में अमर और आशा की कहानी दिखाई गई है, जो एक दूसरे से प्यार करते हैं और भाभी सीता उन्हें मिलवाती है. लेकिन उसकी ननद सीता का अमर के साथ अफेयर का आरोप लगा देती है. वहीं अमर आशा से शादी करता है. लेकिन सीता का घर टूट जाता है. 

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