
Sawan Purnima 2026, Chandra Grahan: श्रावण पूर्णिमा की तिथि 27 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगी और रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा. इसी दौरान भद्रा और चंद्र ग्रहण को लेकर भी लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं हैं. ऐसे में सबसे ज्यादा चिंता गर्भवती महिलाओं को लेकर है कि उन्हें क्या करना चाहिए और किन बातों से बचना चाहिए.
गर्भवती महिलाएं क्या ध्यान रखें
28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. जब ग्रहण किसी स्थान पर दिखाई नहीं देता तो वहां आमतौर पर ग्रहण से जुड़े सूतक और कठोर धार्मिक प्रतिबंध लागू नहीं माने जाते. इसलिए भारत में रहने वाली गर्भवती महिलाओं को केवल ग्रहण के नाम से डरने या अपनी सामान्य दिनचर्या रोकने की जरूरत नहीं है.
ग्रहण से गर्भ में बच्चे को नुकसान होता है?
आमधारणा है कि ग्रहण में गर्भवती अगर घर से बाहर निकले तो बच्चे को नुकसान हो सकता है, ये सबसे बड़ा डर है, लेकिन चंद्र ग्रहण से गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान पहुंचने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसलिए गर्भवती महिला को ग्रहण के कारण अनावश्यक तनाव, डर या चिंता में रहने की जरूरत नहीं है.
कैंची या चाकू
ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को कैंची, चाकू या सुई जैसी चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, ऐसी मान्यता कई जगहों पर प्रचलित है. लेकिन बच्चे के शरीर पर इससे कोई निशान पड़ता है या जन्मजात समस्या होती है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसलिए इसे धार्मिक लोकमान्यता के रूप में समझें, डर का कारण न बनाएं.
मंत्र जाप से क्या लाभ
गर्भवती महिलाएं ग्रहण या पूर्णिमा के समय भगवान का नाम, मंत्र जाप और ध्यान कर सकती है. इसे मन की शांति के लिए किया जा सकता है.
भद्रा को लेकर भी न डरें
रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के लिए भद्रा रहित मुहूर्त का विचार किया जाता है. 28 अगस्त को रक्षाबंधन का मुहूर्त भद्रा समाप्त होने के बाद माना गया है. ऐसे में डरे नहीं. स्वास्थ्य के मामले में डॉक्टर की सलाह को तवज्जों दें.
FAQ
1. 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण कितने बजे लगेगा और क्या यह भारत में दिखाई देगा?
28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण होगा. भारतीय समय के अनुसार इसका उपच्छाया चरण सुबह 6:54 बजे, आंशिक ग्रहण सुबह 8:04 बजे शुरू होगा. ग्रहण का अधिकतम चरण सुबह 9:43 बजे रहेगा, जबकि आंशिक ग्रहण 11:22 बजे समाप्त होगा और उपच्छाया चरण दोपहर 12:32 बजे खत्म होगा. हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि उस समय चंद्रमा भारत में क्षितिज के नीचे रहेगा.
2. क्या चंद्र ग्रहण के कारण गर्भ में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता है?
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला के घर से बाहर निकलने, ग्रहण देखने या सामान्य गतिविधियां करने से गर्भ में बच्चे को नुकसान होने की बात धार्मिक लोकमान्यताओं में मिलती है, लेकिन चंद्र ग्रहण से गर्भस्थ शिशु को नुकसान होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को डर या तनाव में रहने की जरूरत नहीं है. स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी स्थिति में डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें.
3. क्या गर्भवती महिला को ग्रहण के दौरान खाना-पीना बंद कर देना चाहिए?
नहीं. केवल ग्रहण के कारण गर्भवती महिला को भोजन या पानी से दूर रहने की जरूरत नहीं है. खासकर गर्भावस्था में लंबे समय तक भूखे या प्यासे रहना उचित नहीं माना जाना चाहिए. भोजन, दवाइयों और स्वास्थ्य संबंधी दिनचर्या को लेकर अपने डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें. धार्मिक मान्यताओं का पालन करना हो तो ऐसा कोई तरीका चुनें जिससे स्वास्थ्य प्रभावित न हो.
4. क्या ग्रहण के समय गर्भवती महिला भगवान का नाम या मंत्र जाप कर सकती है?
हां. धार्मिक आस्था रखने वाली गर्भवती महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार मंत्र जाप, ध्यान, भगवान का स्मरण या पूजा-पाठ कर सकती हैं. इसे मानसिक शांति और सकारात्मकता से जोड़ा जाता है. लेकिन इसे अनिवार्य नियम समझकर तनाव लेने की जरूरत नहीं है. चूंकि 28 अगस्त का ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां ग्रहण-संबंधी कठोर नियम लागू होने की बात भी सामान्यतः नहीं मानी जाती
एक ही पूर्णिमा कहीं राखी, कहीं समुद्र पूजा और कहीं वेदों का उत्सव, 28 अगस्त को भारत के पांच रंग
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

