
krishna Janmashtami 2026: इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व 4 सितंबर 2026 को देशभर में धूमधाम से मनाया जाएगा. यह जन्माष्टमी सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि कई दशकों में बनने वाला एक दुर्लभ खगोलीय अवसर लेकर आ रही है.
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 4 सितंबर की मध्यरात्रि ग्रहों और नक्षत्रों की ठीक वैसी ही स्थिति बन रही है जैसी द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के समय बनी थी. इस पावन अवसर पर रोहिणी नक्षत्र, हर्षण और सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत मिलन हो रहा है, जिसका सीधा असर देश-दुनिया सहित सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. हालांकि, 5 भाग्यशाली राशियां ऐसी हैं जिन पर इस जन्माष्टमी कान्हा की विशेष कृपा बरसने वाली है और उनके रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे.
द्वापर युग वाला दुर्लभ संयोग क्यों है इतना खास?
पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, जब भगवान श्रीकृष्ण ने कंस की जेल में अवतार लिया था, तब:
- भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि थी,
- आकाश में रोहिणी नक्षत्र उदित था,
- और चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर कर रहे थे.
इस वर्ष जन्माष्टमी पर भी अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के साथ हर्षण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ तालमेल बन रहा है. ज्योतिषविदों का मानना है कि जब ऐसे शुभ योग एक साथ सक्रिय होते हैं, तो किए गए शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और संकल्पों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है.
इन 5 राशियों की चमकने जा रही है किस्मत
वैसे तो कान्हा का आशीर्वाद सभी भक्तों पर रहता है, लेकिन ग्रहों की इस विशेष जुगलबंदी का सीधा फायदा 5 राशियों को मिलने की संभावना है:
1. वृषभ राशि (Taurus): कान्हा की प्रिय राशि पर विशेष कृपा
वृषभ राशि भगवान कृष्ण से विशेष संबंध रखती है. अगर आपका पैसा कहीं महीनों से फंसा हुआ था, तो अब उसके वापस मिलने के रास्ते खुलेंगे. कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए मुनाफे वाले सौदे मिल सकते हैं.
2. कर्क राशि (Cancer): तनाव से राहत और करियर में उछाल
कर्क राशि के जातकों को मानसिक शांति का अनुभव होगा. लंबे समय से चल रही चिंताएं दूर होंगी. नौकरीपेशा लोगों के लिए इंक्रीमेंट या मनचाहे ट्रांसफर के संकेत हैं. परिवार में आपसी समझ बढ़ेगी.
3. सिंह राशि (Leo): नई शुरुआत और कानूनी मामलों में राहत
सिंह राशि वालों के लिए यह समय रुके हुए काम दोबारा शुरू करने का है. अगर कोई मामला कोर्ट-कचहरी या विवाद में अटका था, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है. समाज और दफ्तर में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा.
4. तुला राशि (Libra): आमदनी के नए रास्ते और पारिवारिक सुख
तुला राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. निवेश की योजना बना रहे हैं तो समझदारी से लिया गया फैसला लंबे समय में बड़ा फायदा दे सकता है. जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर होगा और घर में शुभ समाचार आ सकता है.
5. धनु राशि (Sagittarius): विदेश यात्रा और आकस्मिक धन लाभ
धनु राशि वालों के लिए यह महासंयोग भाग्य के नए द्वार खोलने जैसा है. उच्च शिक्षा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है. अचानक कहीं से अप्रत्याशित धन लाभ होने के योग भी बन रहे हैं.
जन्माष्टमी की रात 12 बजे जरूर करें ये 4 आसान काम
अगर आप चाहते हैं कि घर में बरकत और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे, तो मध्यरात्रि पूजन के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:
- केसर-पंचामृत अभिषेक: रात ठीक 12 बजे लड्डू गोपाल का गंगाजल, पंचामृत और केसर युक्त कच्चे दूध से अभिषेक करें.
- पसंदीदा भोग: बाल गोपाल को ताजे माखन-मिश्री, धनिया की पंजीरी और तुलसी दल अर्पित करना न भूलें.
- महामंत्र का जप: पूजा के समय तुलसी की माला से कम से कम 108 बार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या हरे कृष्ण महामंत्र का जप करें.
- मोरपंख का उपाय: पूजा संपन्न होने के बाद कान्हा जी के चरणों से स्पर्श कराया हुआ मोरपंख अपनी तिजोरी, लॉकर या पर्स में रखें. मान्यता है कि इससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती.
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