

जयपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई कर एक शातिर गैंग को नेपाल की सीमा से दबोचा है. ये गैंग जयपुर में संगठित तरीके से घरों की रेकी करता था और लूट की वारदात करने के बाद भाग जाता था. लेकिन जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य सुरागों की मदद से इस शातिर गैंग को पकड़ने में कामयाबी पाई है. पुलिस ने वारदात के बाद करीब 10 हजार किलोमीटर की दूरी तक CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपियों का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश के बहराइच से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल कार भी जब्त की गई है.
चार अलग टीमों ने की पड़ताल
जयपुर कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया कि यह मामला 29 जुलाई का है. पुलिस के अनुसार परिवादी आशीष गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपनी पत्नी के साथ उत्तराखंड गया हुआ था. इसी दौरान आरोपी उसके घर में घुसे और उसके बेटे राघव गुप्ता को बंधक बनाकर घर से नकदी और सोने-चांदी के आभूषण लूटकर फरार हो गए.
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चार अलग-अलग टीमें गठित कीं. टीमों ने घटनास्थल और आरोपियों के आने-जाने वाले रास्तों के करीब 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी जांच और मोबाइल नंबरों के विश्लेषण के बाद पुलिस को आरोपियों के उत्तर प्रदेश और नेपाल बॉर्डर की तरफ जाने के सुराग मिले.
खाली घरों को बनाते थे निशाना
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया की जांच में सामने आया कि आरोपी वारदात से करीब 15 से 20 दिन पहले टारगेट वाले इलाके की रेकी करते थे. नेपाली गैंग स्थानीय लोगों से संपर्क कर उनके घर, परिवार और दिनचर्या की जानकारी जुटाता था. कई बार आरोपी मजदूर बनकर भी इलाके में काम करते थे और इसी बहाने घरों की रेकी करते थे.
गैंग की रणनीति बेहद शातिर थी. यदि टारगेट घर पर नहीं मिलता या मकान खाली होता, तो आरोपी अपने अन्य साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम देते थे. लूट के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों और वाहनों से मौके से निकल जाते थे, ताकि पुलिस को उनका एक साथ पीछा करने में मुश्किल हो.
बॉर्डर तक की तलाश
पुलिस की टीमों ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मुरादाबाद, बहराइच, गोरखपुर, नेपाल बॉर्डर और आसपास के इलाकों तक आरोपियों की तलाश की. करीब 10 हजार किलोमीटर के CCTV रूट को ट्रैक करने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सतवीर सिंह (28), मनबहादुर (20) और प्रदीप कुमार यादव (24) के रूप में हुई है. तीनों उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले हैं.
पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गैंग में शामिल अन्य सदस्यों और राजस्थान में की गई दूसरी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है. पुलिस को आशंका है कि गैंग ने रेकी कर इसी तरह अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया हो सकता है.
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