
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के तिंनो कोठी कोलांग क्षेत्र में मंगलवार (11 अगस्त) को बादल फटने की घटना से भारी नुकसान हुआ है. मुंची नाला और चपॉर नाला क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है. तेज बहाव के कारण मुंची नाले पर बना पुल भी पूरी तरह बह गया, जिससे नाले के पार स्थित क्षेत्रों का संपर्क कट गया है.
जानकारी के अनुसार, जाहलमा नाले में पिछले तीन घंटों से लगातार बाढ़ का सिलसिला जारी है. वहीं यंगला नाले में भी फ्लैश फ्लड आने की सूचना है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि जोबरंग पुल पर भी संकट गहरा गया है और पुल चंद्रा नदी के उफान में डूब गया है.
बाढ़ के तेज बहाव से सिंचाई कूहल और सड़कों को भारी नुकसान
बाढ़ के तेज बहाव से सिंचाई कूहल, पानी की पाइपलाइन, पेयजल टंकी और सड़क को व्यापक नुकसान पहुंचा है. नाले का रुख खेतों की ओर मुड़ने से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित हुई है और किसानों की खड़ी फसलें तबाह हो गई हैं. पुल और संपर्क मार्ग बह जाने के कारण नाले के पार ग्रामीणों की गायें और अन्य पशुधन फंस गए हैं. प्रभावित क्षेत्र में किसानों को अपनी फसल तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है.
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ग्रामीणों ने किसानों और पशुपालकों को मुआवजा देने की उठाई मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल क्षेत्र का दौरा कर नुकसान का आकलन करने की मांग की है. साथ ही पुल, सड़क, सिंचाई और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने तथा प्रभावित किसानों और पशुपालकों को उचित राहत और मुआवजा देने की मांग उठाई है.
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