
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने पहुंचते ही तांडव मचाना शुरू कर दिया है. मानसून के दस्तक देते ही यहां जनजीवन प्रभावित हो गया है. राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 44 सड़कें बंद हो गई हैं और 254 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) बाधित हो चुके हैं. राहत की बात यह है कि अभी तक किसी पेयजल योजना के प्रभावित होने की सूचना नहीं है.
मानसून का सबसे अधिक प्रभाव मंडी जिले में देखा जा रहा है, जहां 28 सड़कें बंद हैं और 198 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं. कुल्लू जिले में 11 सड़कें बंद होने के साथ 11 ट्रांसफार्मर ठप हैं. लाहौल-स्पीति में 1 सड़क बंद और 1 ट्रांसफार्मर बाधित हुआ है, जबकि ऊना में 2 सड़कें बंद हैं.
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इन जिलों में राहत की स्थिति
बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, किन्नौर, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में फिलहाल बड़ी संख्या में सड़क बंद होने या बिजली व्यवस्था बाधित होने की सूचना नहीं है.
भारी बारिश को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, गड्ढों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है. विभिन्न विभागों की टीमें सड़क बहाली और बिजली आपूर्ति सुधारने में लगी हुई हैं.
कई जगहों पर भूस्खलन और फ्लैश फ्लड
शिमला-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ. लाहौल-स्पीति में फ्लैश फ्लड से जहालमा नाला उफान पर आ गया और पुल क्षतिग्रस्त हो गया. चंबा के तीसा मार्ग पर भारी भूस्खलन से सड़क बंद होने के साथ मकानों में मलबा घुस गया.
सतर्कता की अपील
मौसम केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने कहा कि मानसून की पहली बारिश में ही कई जगहों पर नुकसान हुआ है. लोगों को सतर्क रहना चाहिए और अनावश्यक यात्रा टालनी चाहिए. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी राहत कार्य तेजी से किए जा रहे हैं.
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