
देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक आज (11 सितंबर) हड़ताल पर हैं. हिमाचल प्रदेश में भी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर बैंक हड़ताल पर रहे. शिमला में बैंक कर्मियों ने सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और 2 साल से अटकी 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला. यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार और बैंक मैनेजमेंट ने मांगें नहीं मानीं, तो 26 अक्टूबर से देशभर के बैंकों में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो जाएगी.
5-डे बैंकिंग सहमति के बाद भी वित्त मंत्रालय नहीं दे रहा मंजूरी
UFBU हिमाचल के संयोजक नरेंद्र शर्मा का कहना है कि 8 मार्च 2024 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट पर हस्ताक्षर हुए थे. इसमें 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी. IBA ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देकर केंद्र सरकार के पास भेजा था. दो साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी वित्त मंत्रालय से इसे मंजूरी नहीं मिली है. इसके अलावा बैंक कर्मियों ने वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग द्वारा जारी नई PLI गाइडलाइंस का भी विरोध किया है.
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सरकार ने मांगे नहीं मानी तो तीन दिन बैंक रहेंगे हड़ताल पर
यूनियनों का आरोप है कि यह स्कीम भेदभावपूर्ण है. स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे (Basic Pay) के बराबर PLI मिलेगा, जबकि वर्कमैन और स्केल I से III के कर्मचारियों को अधिकतम 15 दिनों का बेसिक पे + DA ही मिलेगा जो पूर्णता गलत है.
इसका कर्मचारियों ने विरोध किया और कहा कि अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो इसी महीने 28 से 30 सितंबर तीन दिन बैंक हड़ताल पर रहेंगे. फिर भी अगर सरकार नहीं मानी तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी. बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि हड़ताल की वजह से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. हालांकि, इस दौरान UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी.
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