
सीहोर जिले के ग्राम लसूड़िया खास में काहिरी बांध के पास स्थित पानी फिल्टर प्लांट में रात को फिर से क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया. टैंक में लीकेज होने के कारण गैस तेजी से आसपास के इलाकों में फैल गई, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आंखों में तेज जलन, घुटन, सांस लेने में तकलीफ और उल्टी-दस्त जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा.
घटना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रभावित कई ग्रामीणों को तुरंत सीहोर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. प्रेमजी, अनमोल, रामसभा, केसर सिंह, प्रेम सिंह को देर रात अस्पताल में भर्ती किया गए. कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दी गई.
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मरीजों का इलाज जारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभी पांच लोगअस्पताल में भर्ती हैं और कुछ को प्राथमिक उपचार बाद छुट्टी दे दी गई है, लेकिन प्रशासन का कोई भी अधिकारी अस्पताल नहीं पहुंचा है. मामले की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने प्रभावित मरीजों का उपचार शुरू किया. जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरिओम गुप्ता ने बताया कि आपातकालीन कक्ष में लसूड़िया खास से लगभग 8 से 10 मरीज उपचार के लिए आए हैं. उन्होंने बताया कि मरीजों का प्राथमिक इलाज जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. हालांकि, भर्ती मरीजों में से एक मरीज की हालत अधिक गंभीर बनी हुई है.
अधिकारियों के दावों और जमीनी हकीकत में विरोधाभास
एक तरफ जहां प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने और लीकेज न होने की बातें कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है. वहीं, दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है.
मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों का आरोप है कि फिल्टर प्लांट के आसपास अब भी गैस के असर से पेड़-पौधे झुलस रहे हैं और गैस का असर साफ देखा जा सकता है. प्रशासनिक दावों को खारिज करते हुए स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारी और जिम्मेदार लोग लीकेज न होने की बात कहकर जनता को गुमराह कर रहे हैं.
ग्रामीणों में भारी रोष
पानी शुद्धिकरण संयंत्र में सुरक्षा मानकों की इस भारी अनदेखी और रखरखाव में लापरवाही को लेकर अब ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है. लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
नगर पालिका सीहोर के सीएमओ सुधीर सिंह का कहना है कि ग्रासिम कंपनी नागदा की टेक्निकल टीम द्वारा तीनों सिलेंडर सावधानीपूर्वक ट्रक में लौटकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से हटा दिए गए हैं.
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