धर्म

हरियाली तीज पर हाथों की मेहंदी से जुड़ी ये मान्यताएं शायद नहीं जानते होंगे आप


Hariyali Teej 2026: हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है. इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं, व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार करती हैं.

इन श्रृंगारों में मेहंदी का विशेष महत्व बताया गया है. धार्मिक मान्यता है कि हरियाली तीज पर हाथों में मेहंदी लगाने से सुहाग, सौभाग्य और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है.

आइए जानते हैं हरियाली तीज पर मेहंदी से जुड़ी कुछ ऐसी धार्मिक मान्यताएं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.

मेहंदी को सुहाग का प्रतीक माना जाता है

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मेहंदी सुहाग और प्रेम का प्रतीक मानी जाती है. इसलिए हरियाली तीज पर विवाहित महिलाएं हाथों और पैरों में मेहंदी जरूर लगाती हैं.

मेहंदी का गहरा रंग शुभ माना जाता है

लोक मान्यता है कि अगर तीज की मेहंदी का रंग गहरा चढ़े, तो इसे पति-पत्नी के बीच प्रेम और अच्छे सौभाग्य का संकेत माना जाता है. हालांकि, मेहंदी का रंग त्वचा, मेहंदी की गुणवत्ता और लगाने के तरीके पर भी निर्भर करता है.

पूजा से पहले मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है

कई परंपराओं में हरियाली तीज की पूजा से पहले मेहंदी लगाने की परंपरा है. माना जाता है कि मेहंदी लगाकर पूजा करने से श्रृंगार पूर्ण माना जाता है.

सूखी मेहंदी को शुभ माना जाता है

मान्यता है कि मेहंदी को पूरी तरह सूखने देना शुभ माना जाता है. कई महिलाएं इसे जल्दी हटाने से बचती हैं और प्राकृतिक रूप से रंग चढ़ने देती हैं.

मेहंदी में भगवान शिव-पार्वती के प्रतीक बनवाने की परंपरा

कुछ स्थानों पर महिलाएं मेहंदी में त्रिशूल, डमरू, शिवलिंग, ओम या शिव-पार्वती से जुड़े डिजाइन बनवाती हैं. इसे भगवान शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है.

अविवाहित लड़कियां भी लगाती हैं मेहंदी

हरियाली तीज पर केवल सुहागिन महिलाएं ही नहीं, बल्कि कई स्थानों पर अविवाहित लड़कियां भी मेहंदी लगाती हैं. धार्मिक मान्यता है कि इससे योग्य जीवनसाथी की कामना की जाती है.

मेहंदी के बिना अधूरा माना जाता है तीज का श्रृंगार

धार्मिक परंपराओं में मेहंदी को सोलह श्रृंगार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है. इसलिए कई महिलाएं हरियाली तीज पर मेहंदी जरूर लगाती हैं.

एस्ट्रोलॉजर नीतिका शर्मा के अनुसार, हरियाली तीज पर मेहंदी केवल सौंदर्य का हिस्सा नहीं, बल्कि सौभाग्य, प्रेम और शुभता का प्रतीक मानी जाती है.

उनका कहना है कि मेहंदी का रंग गहरा या हल्का होना भविष्य का निश्चित संकेत नहीं होता. इसे लेकर कई लोक मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन इसका कोई ज्योतिषीय या वैज्ञानिक आधार नहीं है.

नीतिका शर्मा के मुताबिक, हरियाली तीज पर श्रद्धा के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना, व्रत रखना और सकारात्मक भाव से श्रृंगार करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है.

FAQ

हरियाली तीज पर मेहंदी क्यों लगाई जाती है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मेहंदी को सुहाग, सौभाग्य और शुभता का प्रतीक माना जाता है.

क्या हरियाली तीज पर अविवाहित लड़कियां भी मेहंदी लगा सकती हैं?
हां, कई स्थानों पर अविवाहित लड़कियां भी मेहंदी लगाकर योग्य जीवनसाथी की कामना करती हैं.

क्या मेहंदी का गहरा रंग शुभ माना जाता है?
लोक मान्यताओं में इसे शुभ माना जाता है, लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है.

क्या पूजा से पहले मेहंदी लगानी चाहिए?
कई परंपराओं में पूजा से पहले मेहंदी लगाना शुभ माना जाता है.

हरियाली तीज पर मेहंदी में कौन-से डिजाइन शुभ माने जाते हैं?
त्रिशूल, डमरू, ओम और शिव-पार्वती से जुड़े डिजाइन शुभ माने जाते हैं.

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