
जायफल और जावित्री दोनों ऐसे मसाले हैं, जिनका इस्तेमाल खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए हर कोई करता है. बाजार में ये मसाले अकसर महंगे मिलते हैं, लेकिन ये दोनों एक ही पौधे से मिलते हैं. अगर आपके पास बगीचा नहीं है, तो भी आप बालकनी या छत पर गमले में जायफल का पौधा लगा सकते हैं. थोड़ा सा जायफल भी खाने का स्वाद बदल देता है. इसका इस्तेमाल मिठाइयों, सब्जियों और कई व्यंजनों में किया जाता है. इस वजह से किचन में यह मसाला लंबे समय से पसंद किया जाता है. घर पर इसका पौधा लगाने से बाजार से जायफल खरीदने की कम जरूरत पड़ेगी और पौधा बालकनी में हरियाली भी बढ़ाएगा .
हालांकि, जायफल का पौधा लगाना बहुत धैर्य का काम है. इसे बढ़ने और फल देने में काफी लंबा समय लगता है. इसके लिए गमले में सही मिट्टी, जल निकासी और नियमित देखभाल जरूरी होती है. पौधे के फल तैयार होने पर उसके बीज से जायफल मिलता है, जबकि बीज के आसपास मौजूद लाल रंग की परत से जावित्री तैयार होती है. अब जानते हैं कि गमले में जायफल का पौधा लगाने का आसान और सही तरीका क्या है.
पहले तैयार करें मिट्टी का सही मिश्रण
जायफल का पौधा लगाने से पहले गमले और मिट्टी की तैयारी बहुत जरूरी है. ऐसा गमला चुनें जिसके नीचे पानी निकलने के लिए छेद हो, ताकि जड़ों के पास पानी जमा न हो सके. अब मिट्टी तैयार करने के लिए 2 मुट्ठी रेत, 2 मुट्ठी वर्मी कंपोस्ट, 4 मुट्ठी नारियल का भूसा और 2 मुट्ठी सामान्य मिट्टी लें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर गमले में भर दें. इस तरह तैयार मिट्टी पौधे को शुरुआती ग्रोथ के लिए जरूरी नमी और पोषण देने में मदद करेगी.
बीज या कटिंग से करें शुरुआत
जायफल का पौधा तैयार करने के लिए आप बीज या कटिंग, दोनों में से किसी एक का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे गमले में लगाते समय मिट्टी के अंदर बहुत गहराई तक न दबाएं. ऊपर से मिट्टी की हल्की परत डालने के बाद पानी का स्प्रे कर दें. शुरुआत में ज्यादा पानी देना पौधे के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए मिट्टी को सिर्फ नम रखें और गमले में पानी जमा न होने दें.

गमले को तेज धूप से बचाएं
जायफल के पौधे को शुरुआत में ऐसी जगह रखना बेहतर होता है जहां उसे रोशनी मिले, लेकिन तेज सीधी धूप न पड़े. बहुत ज्यादा धूप से छोटे पौधे पर असर पड़ सकता है. इसलिए हल्की छाँव वाली जगह पर पौधे को रखें जहाँ पौधा धीरे-धीरे बढ़ सके.
महीने में एक बार दें जैविक खाद
पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए सिर्फ पानी देना ही काफी नहीं है. समय-समय पर मिट्टी में पोषक तत्व पहुंचाना भी जरूरी है. इसके लिए महीने में एक बार थोड़ी जैविक खाद दी जा सकती है. खाद डालने के बाद मिट्टी में हल्की नमी हो, लेकिन गमले में पानी इकट्ठा न होने दें.
फल के लिए करना होगा इंतजार
जायफल के पौधे को तैयार होने में समय लगता है. इसलिए इसे लगाने के कुछ ही हफ्तों बाद फल मिलने की उम्मीद न करें. फल आने में करीब एक साल या उससे ज्यादा समय भी लग सकता है. इस दौरान पौधे की नियमित देखभाल करते रहें और उसकी ग्रोथ के लिए पर्याप्त रोशनी, नमी और पोषण का ध्यान रखें.
एक पौधे से मिलेगा जायफल और जावित्री
जायफल के पौधे की खास बात है कि इससे दो अलग-अलग मसाले मिलते हैं. जब इसका फल पककर खुलता है तो अंदर बीज दिखाई देता है. बीज के चारों तरफ लाल रंग की जाली जैसी परत होती है. इसी बीज को सुखाने के बाद जायफल मिलता है, और लाल परत को सुखाने पर जावित्री तैयार होती है.
दोनों मसाले बाजार में मिलते हैं महंगे
जायफल और जावित्री दोनों की कीमत ज्यादा होती है. जायफल करीब 1,000 से 2,000 रुपये किलो और जावित्री लगभग 1,500 से 3,500 रुपये किलो तक मिलती है. यह कीमत जगह, क्वालिटी और बाजार के हिसाब से बदल सकती है.
गमले में भी लगा सकते हैं जायफल
अगर आपको घर में अलग-अलग पौधे और मसाले उगाने का शौक है, तो जायफल को भी आजमाया जा सकता है. इसके लिए बड़े खेत या क्यारी की जरूरत नहीं है. बालकनी या गार्डन में सही आकार के गमले से शुरुआत की जा सकती है.
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प्रस्तुति : दीपांशी





