
Meen Rashifal Today: 4 अक्टूबर 2026, रविवार के दिन संपूर्ण दिन आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि (मातृ नवमी श्राद्ध) रहेगी. सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के पंचांगीय विश्लेषण के अनुसार, आज संपूर्ण दिन पुनर्वसु नक्षत्र प्रभावी रहेगा. आज ग्रहों के विशेष गोचर से वाशि योग, आनन्दादि योग, सुनफा योग, लक्ष्मीनारायण योग, पारिजात योग और परिध योग का प्रभाव रहेगा.
चंद्रमा आज शाम 06:32 तक मिथुन राशि में, यानी आपकी राशि से 4वें भाव (चतुर्थ भाव यानी माता, घरेलू सुख, मानसिक शांति, एकांत, अचल संपत्ति व वित्तीय सतर्कता स्थान) में रहेंगे, जिसके उपरांत वे कर्क राशि (पंचम भाव) में संचरण करेंगे. चौथे भाव में चंद्रमा के संचरण के प्रभाव से आज आपका मन बाहर घूमने-फिरने या भागदौड़ करने की अपेक्षा घर पर शांत रहने में अधिक लगेगा; अत्यधिक यात्रा या बाहर जाना आपको पसंद नहीं आएगा. शुभ कार्यों के लिए आज दो श्रेष्ठ समय हैं, सुबह 10:15 से 12:15 बजे तक लाभ-अमृत का चौघड़िया एवं दोपहर 02:00 से 03:00 बजे तक शुभ का चौघड़िया रहेगा. वहीं दोपहर 04:30 से 06:00 बजे तक राहुकाल रहेगा. आज पश्चिम दिशा की तरफ यात्रा करना शुभ फलदायी रहेगा.
बिजनेस और फाइनेंस राशिफल (Business & Finance)
व्यापारिक दृष्टि से आज का दिन मीन राशि के कारोबारियों के लिए वित्तीय अनुशासन, रुके धन की वजह से योजनाओं के स्थगन और सतर्कता बरतने का रहेगा.
रुके धन से आगामी प्लानिंग प्रभावित: बाजार या क्लाइंट्स के पास रुका हुआ पैसा समय पर न मिलने या लेट होने से आपकी अगली व्यावसायिक योजनाओं (Next Planning) की गति धीमी पड़ सकती है; बजट का बैकअप तैयार रखें.
वित्तीय निर्णयों में अत्यधिक सोच-विचार जरूरी: बिजनेस में पूंजी निवेश या लेन-देन से जुड़े सभी वित्तीय निर्णय बहुत सोच-समझकर और अनुभवी लोगों से परामर्श के बाद ही लें, अन्यथा जल्दबाजी में कोई कदम उठाने से वित्तीय नुकसान (Loss) का सामना करना पड़ सकता है.
न्यू बिजनेसमैन ऊर्जा व समय बचाएं: नए कारोबारियों (New Businessmen) को व्यर्थ की दिशाहीन गतिविधियों या गपशप में अपना कीमती समय और ऊर्जा बर्बाद करने से बचना होगा; केवल अपने कोर बिजनेस मॉडल पर ही ध्यान केंद्रित करें.
करियर और जॉब राशिफल (Career & Job)
नौकरीपेशा जातकों के लिए आज का दिन कार्य में लापरवाही से बचने, प्रमोशन के लिए धैर्य रखने और घरेलू तनाव के बीच फोकस बनाए रखने का रहेगा.
कामकाज में लापरवाही से बचें: एंप्लॉयड पर्सन वर्कप्लेस पर अपने आधिकारिक दायित्वों में तनिक भी लापरवाही या ढिलाई न बरतें; छोटी सी चूक भी आपको वरिष्ठों के सामने मुश्किल स्थिति में डाल सकती है.
इंक्रीमेंट व प्रमोशन के लिए करना होगा इंतजार: नौकरी में काफी समय से रुका हुआ इंक्रीमेंट, प्रमोशन, सैलरी हाइक या नई पोस्ट मिलने से जुड़ा कोई सकारात्मक समाचार सुनने के लिए अभी आपको थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है; परिस्थितियों के परिपक्व होने तक धैर्य रखें.
घर से काम करने में चुनौतियां: पारिवारिक तनाव के माहौल के बीच यदि आप वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं तो ध्यान केंद्रित करना आसान नहीं होगा; अपने कार्यक्षेत्र और निजी समय के बीच स्पष्ट सीमा तय करें.
लव, फैमिली और रिलेशनशिप (Love & Family)
पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों के लिहाज से चतुर्थ चंद्रमा घरेलू तालमेल के लिए अतिरिक्त समझदारी की मांग कर रहा है.
परिवार में सामंजस्य के लिए प्रयास जरूरी: घर-परिवार के सदस्यों के बीच वैचारिक तालमेल बिठाने और किसी पुरानी गलतफहमी को दूर करने के लिए आज आपको काफी प्रयास करने पड़ेंगे.
तनावपूर्ण माहौल में धैर्य: चारों ओर चल रहे घरेलू तनाव के वातावरण में धैर्य बनाए रखें; वाणी में नरमी रखने से स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी.
शिक्षा, आर्ट्स, स्पोर्ट्स और स्वास्थ्य (Education, Students & Health)
विद्यार्थियों, कलाकारों और खिलाड़ियों (Students, Artists & Sports Persons) के लिए आज का दिन सीमित साधनों के बीच अपनी प्रतिभा को तराशने का है. छात्र, कलाकार और खिलाड़ी अपने-अपने क्षेत्र में संसाधनों या उपकरणों की कमी (Lack of Resources) को महसूस कर सकते हैं; इस तात्कालिक कमी से हताश होने के बजाय जो साधन उपलब्ध हैं उन्हीं के साथ अपनी बेसिक प्रैक्टिस जारी रखें. स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से, चौथे भाव के चंद्रमा और मानसिक तनाव के कारण सीने में भारीपन, गैस, सिरदर्द या थकान महसूस हो सकती है. दिनचर्या को व्यवस्थित रखें, हल्का व सुपाच्य भोजन लें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और ध्यान का अभ्यास करें.
शुभ रंग: पिंक (गुलाबी)
शुभ अंक: 5
अशुभ अंक: 7
आज का उपाय: रविवार और आश्विन कृष्ण पक्ष की नवमी (मातृ नवमी) के पावन अवसर पर भगवान श्री सूर्यनारायण को तांबे के पात्र से जल में रोली, अक्षत व लाल पुष्प डालकर ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र के साथ अर्घ्य दें. इसके साथ ही भगवान लक्ष्मीनारायण जी का स्मरण करते हुए शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध, काले तिल व गंगाजल मिलाकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र से अभिषेक करें.
मातृ नवमी के उपलक्ष्य में परिवार की दिवंगत माताओं व पितरों के निमित्त दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तिल मिले जल से तर्पण करें. किसी जरूरतमंद कन्या, वृद्ध महिला या निर्धन व्यक्ति को भोजन, फल अथवा वस्त्र दान करें; इससे चौथे भाव के चंद्रमा से घरेलू शांति मिलेगी, परिध योग से वित्तीय नुकसान से बचाव होगा, कार्यक्षेत्र में एकाग्रता लौटेगी और पारिवारिक सामंजस्य स्थापित होगा.
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