
सावन माह की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा का पवित्र दौर शुरू होने जा रहा है. इसे देखते हुए गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. हर साल की तरह इस बार भी हजारों शिवभक्त हरिद्वार और अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर जिले से गुजरेंगे तथा विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कांवड़ मार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का काम शुरू कर दिया है.
कांवड़ मार्गों की कमियां दूर करने पर जोर
पुलिस और प्रशासन की टीम कांवड़ यात्रा से जुड़े सभी प्रमुख मार्गों का निरीक्षण कर रही है. सड़कों, बिजली व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
बुधवार को जारचा थाना क्षेत्र के चोना बॉर्डर इलाके में प्रभारी निरीक्षक जारचा और चौकी प्रभारी एनटीपीसी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान मार्ग पर लगे लोहे के बिजली के खंभों पर सुरक्षा के लिए विशेष पन्नी का लेमिनेशन कराया गया ताकि किसी भी संभावित विद्युत दुर्घटना को रोका जा सके.

पुलिस अधिकारी ने तैयारी की जानकारी दी.
आठ प्रमुख मार्गों पर रहेगी कड़ी निगरानी
ज्वाइंट सीपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में आठ प्रमुख मार्गों से कांवड़ यात्री गुजरते हैं. इन सभी मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है. निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और एक विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. इस कंट्रोल रूम से एक राजपत्रित अधिकारी पूरे समय व्यवस्थाओं की निगरानी करेगा. पुलिस ने संबंधित विभागों के साथ बैठक कर मार्गों पर मौजूद कमियों को दूर करने का काम भी पूरा कर लिया है.
ड्रोन से होगी निगरानी, अस्थायी चौकियां भी बनाई गईं
कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 2500 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी. पुलिस पहले ही कांवड़ समितियों के साथ बैठक कर जरूरी नियमों और व्यवस्थाओं की जानकारी दे चुकी है.
इसके अलावा कई संवेदनशील मार्गों पर ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी. पुलिस ने प्रमुख कांवड़ मार्गों पर अस्थायी चौकियों का निर्माण भी कराया है ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा होगी प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. पुलिस का लक्ष्य है कि पूरी यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो तथा शिवभक्तों को किसी तरह की असुविधा न हो.
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