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सिंध नदी में नहाने के बाद 4 बच्चों की रहस्यमयी मौत! स्वास्थ्य विभाग ने पूरे परिवार को किया आइसोलेट | shivpuri mystery deaths sindh river incident mp health alert children death case family under observation



एमपी के शिवपुरी के सईसपुरा इलाके से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया है. महज 10 दिनों के भीतर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों समेत चार बच्चों की संदिग्ध बीमारी से मौत हो गई. सभी बच्चों में तेज बुखार, पेट में असहनीय दर्द, उल्टी-दस्त और शरीर के कई अंगों के काम करना बंद कर देने जैसे समान लक्षण पाए गए. हैरानी की बात यह है कि मलेरिया, डेंगू और कोविड जैसी प्रमुख बीमारियों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है. स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परिवार को निगरानी में रखा है और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट भोपाल भेज दी.

16 अगस्त से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला

इस दुखद घटनाक्रम की शुरुआत 16 अगस्त से हुई. सईसपुरा निवासी तनवीर खान का 14 वर्षीय बेटा ताहिर खान गोरा टीला स्थित सिंध नदी में नहाने गया था. दो दिन बाद उसे तेज बुखार आया. शुरुआत में उसका स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर 20 अगस्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के दौरान 21 अगस्त की मध्यरात्रि उसकी मौत हो गई.

भांजे अयाज ने भी गंवाई जान

इसी बीच तनवीर खान के 19 वर्षीय भांजे अयाज की तबीयत भी खराब हो गई. 20 अगस्त को उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे ग्वालियर रेफर कर दिया. वहां इलाज के दौरान 21 अगस्त को उसकी भी मौत हो गई. लगातार दूसरी मौत ने परिवार और स्वास्थ्य विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी.

दो और भाइयों की मौत से गहराया रहस्य

ताहिर की मौत के कुछ दिन बाद परिवार के दो और बच्चे तारूफ (11) और तासिफ (9) भी बुखार की चपेट में आ गए. 26 और 27 अगस्त के बीच दोनों की तबीयत बिगड़ी. 31 अगस्त को तारूफ को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर किया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं तासिफ को ग्वालियर भेजा, लेकिन वह भी जिंदगी की जंग हार. एक ही दिन में दो और बच्चों की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.

एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

10 दिनों के भीतर अपने तीन बेटों को खोने के बाद तनवीर खान का परिवार गहरे सदमे में है. परिवार में अब केवल एक छोटी बेटी बची है. आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं. किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर स्वस्थ दिखने वाले बच्चों की अचानक ऐसी हालत कैसे हो गई और इतने कम समय में चार मौतें कैसे हो गईं.

डॉक्टरों के लिए भी बना रहस्य

मृत बच्चों में लगभग एक जैसे लक्षण पाए गए. सभी को तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, उल्टी-दस्त और बाद में शरीर के कई अंगों के काम बंद होने जैसी समस्याएं हुईं. हालांकि प्रारंभिक जांच में मलेरिया, डेंगू और कोविड-19 जैसी बीमारियां सामने नहीं आईं. यही वजह है कि डॉक्टर और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी इस मामले को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए हैं.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. संजय ऋषिश्वर के अनुसार मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है. शिवपुरी जिला अस्पताल, निजी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज शिवपुरी और ग्वालियर मेडिकल कॉलेज से सभी मृतकों की केस हिस्ट्री और उपचार संबंधी दस्तावेज मंगवाए गए हैं. विशेषज्ञ इन रिकॉर्ड का अध्ययन कर बीमारी के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं.

इलाके में सर्विलांस और टेस्टिंग जारी

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में लार्वा सर्वे और अन्य जांच कार्य शुरू कर दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक अब तक डेंगू के लार्वा नहीं मिले हैं और न ही किसी बड़े संक्रमण या आउटब्रेक के संकेत सामने आए हैं. मोहल्ले के अन्य लोगों में भी ऐसे लक्षण नहीं पाए गए हैं, जिससे किसी व्यापक संक्रामक बीमारी की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य संचालनालय भोपाल को भेज दी है. साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने पीड़ित परिवार को निगरानी में रखा है. परिवार के सदस्यों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते पता लगाया जा सके.




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