खबर

SIR का हाल के चुनावों पर कितना असर? बंगाल इलेक्शन भी हो गया पूरी तरह डीकोड | How much influence does SIR have on recent elections The Bengal election has also been fully decoded


देश में जब से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू हुई है, इसे लेकर काफी विवाद है. वैध मतदाताओं को वोटिंग से वंचित ना रखा जाए और अवैध वोटरों को मतदान ना करने दिया जाए, चुनाव आयोग के मुताबिक SIR का यही मकसद है. लेकिन विपक्ष का आरोप है कि एसआईआर की वजह से उन्हें चुनावी राज्यों में नुकसान हो रहा है और बीजेपी को उससे फायदा पहुंच रहा है. वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इस प्रक्रिया को निष्पक्ष चुनाव के लिहाज से जरूरी बता रही है. अब इस लेख के जरिए आपकों चुनावी राज्यों पर पड़े एसआईआर प्रभाव के बारे में बताते हैं. इसके अलावा पश्चिम बंगाल चुनाव के आए नतीजों को अलग से डीकोड करते हैं.

जहां हुए चुनाव, SIR का कितना प्रभाव?

पिछले कुछ महीनों में देखें तो पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए थे. वहीं पिछले साल बिहार और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों में भी विधानसभा चुनाव हुए थे. अब इन सभी राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया हुई थी, वहां वोटर्स कटे थे. यहां समझने की कोशिश करते हैं कि चुनावी राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया के बाद कितने वोट वोटर लिस्ट से हटे थे.

Advertisement – Scroll to continue

Latest and Breaking News on NDTV

अब ऊपर दी गई टेबल से पता चलता है कि SIR के बाद सबसे ज्यादा वोट पश्चिम बंगाल में कटे हैं. वहां 91 लाख वोटर्स मतदाता सूचि से हटाए गए थे. एक और पैटर्न यह समझ आता है कि बंगाल में SIR के बाद 91 लाख वोटर कम हुए, वहीं जीत का अंतर सिर्फ 32 लाख वोट रहा. इसका मतलब है कि कम हुए वोटर, जीत के अंतर से करीब 3 गुना ज्यादा हैं. वहीं जब हम असम को देखते हैं तो वहां इससे बिल्कुल उलट पैटर्न देखने को मिलता है. यहां पर SIR के बाद 2.43 लाख वोट कटे, लेकिन जीत का अंतर 17.29 लाख रहा. इसका मतलब है कि जीत का अंतर कटे वोटरों से करीब 7.1 गुना ज्यादा रहा है.

बंगाल में जहां कटे सबसे ज्यादा वोटर

एनडीटीवी ने बंगाल की 14 ऐसी विधानसभा सीटें निकाली हैं जहां एसआईआर की वजह से सबसे ज्यादा वोट कटे हैं. इस बार के चुनावी नतीजे बताते हैं कि इन 14 सीटों में से सात पर बीजेपी जीती है और सात सीटों पर ही टीएमसी को भी जीत मिली है. नीचे दी गई टेबल में इन सीट के नतीजे देखते हैं और वहां एसआईआर की वजह से कितने वोटर कटे, यह जानते हैं-

Advertisement – Scroll to continue

Latest and Breaking News on NDTV

बंगाल में जहां बढ़े सबसे ज्यादा वोटर

नीचे दी गई टेबल में उन विधानसभा सीटों के नतीजे देखते हैं जहां SIR के बाद सबसे ज्यादा वोट बढ़े थे. जिन 14 सीटों पर SIR प्रक्रिया के बाद वोटर बढ़े हैं, वहां बीजेपी ने एक तरह क्लीन स्वीप किया है. ऐसी 14 सीटों में से 12 पर बीजेपी जीती है. टीएमसी को यहां सिर्फ एक सीट मिल पाई है. जिन सीटों पर वोटरों की संख्या बढ़ी है, वहां बीजेपी की जीत का मार्जिन भी अप्रत्याशित रूप से ज्यादा रहा है. उदाहरण के लिए खेजुरी 32,690, नंदकुमार 30,603, ओंडा 31,723, तमलुक 34,729, कोटुलपुर 34,367 के मार्जिन से बीजेपी जीती है.

Latest and Breaking News on NDTV

बंगाल चुनाव के नतीजों को डीकोड करने पर एक और पैटर्न समझ में आता है. SIR की वजह से सबसे ज्यादा वोट पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनापुर और जंगलमहल-बंकुरा क्षेत्र में बढ़े दिखे हैं. चुनावी नतीजे बता रहे हैं कि यहां बीजेपी का प्रदर्शन भी शानदार रहा है और टीएमसी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.यानी कि जहां-जहां SIR की वजह से वोटर घटे हैं, वहां टीएमसी को कुछ बढ़त दिखाई दी, वहीं जहां वोटर बढ़े हैं वहां बीजेपी बड़े मार्जिन से जीती है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button