मध्य प्रदेश

सागर में जहरीली शराब से मौतों पर सियासत तेज, सरकार और कांग्रेस आमने-सामने


मध्य प्रदेश में सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद सोमवार को सियासत और प्रशासनिक सक्रियता दोनों तेज नजर आईं. उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्रभावित गांवों का दौरा कर मृतकों और बीमार लोगों के परिजनों से मुलाकात की. वहीं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों का दर्द साझा किया और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. 

इस समय सागर और बंडा में करीब 100 शराब पीड़ित हॉस्पिटलों में भर्ती है. सरकारी आंकड़ों में 11 की मौत हो चुकी है. जबकि अपुष्ट जानकारी में 22 लोग जहरीली शराब पीने से मौत का शिकार हुए है. बंडा के आधा दर्जन गांवों में मातम पसरा है. पुलिस अभी तक दो प्रकरणों में 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर चुकी है.

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गांव-गांव पहुंचे उपमुख्यमंत्री, परिजनों को बंधाया ढांढस

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बंडा और शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती और पापेट सहित प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने मृतकों के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की और भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी है. उन्होंने कहा कि घटना अत्यंत हृदय विदारक है और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हरसंभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी.

अवैध शराब के कारोबार पर सख्त रुख अपनाते हुए शुक्ल ने कहा कि शराब माफिया और घटना में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि पुलिस और प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और वितरण के पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर कार्रवाई की जाए.

एसडीएम करेंगे मजिस्ट्रियल जांच

इधर, कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अवैध शराब के सेवन से हुई घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. जांच अधिकारी के रूप में जैसीनगर के अनुविभागीय दंडाधिकारी को नियुक्त किया गया है. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, मौतों का वास्तविक कारण क्या था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है. साथ ही यह भी जांच होगी कि मृतकों की मौत वास्तव में अमानक-अवैध शराब के सेवन से हुई या नहीं तथा शराब का निर्माण, भंडारण और वितरण किस स्तर पर और किसके द्वारा किया गया.

इसके अलावा संबंधित विभागों की भूमिका और किसी स्तर पर हुई लापरवाही की भी जांच की जाएगी. जांच अधिकारी को सभी बिंदुओं पर स्पष्ट अभिमत के साथ रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.

जीतू पटवारी ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सोमवार को बंडा विधानसभा क्षेत्र के प्रभावित गांवों में पहुंचे. उन्होंने छापरी, बमूरा, चौका, हिनोती, दलपतपुर, धुरमार, गूगरा, नौराज और पाटन सहित कई गांवों में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर उपचाररत लोगों और उनके परिजनों से भी बातचीत की.

पटवारी ने घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “लोगों की हत्याएं की गई हैं और हत्याएं करने वाला कोई और नहीं, सरकार है.” उन्होंने आबकारी मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार में थोड़ी भी शर्म है तो आबकारी मंत्री का इस्तीफा लिया जाना चाहिए. उन्होंने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई, पीड़ित परिवारों को न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. पटवारी ने कहा कि कांग्रेस इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है.

एक ही घटना पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र की इस त्रासदी के बाद जहां प्रशासन ने जांच और कार्रवाई तेज कर दी है, वहीं विपक्ष ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग तेज कर दी है. अब मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि संदिग्ध शराब का स्रोत क्या था और इस पूरे मामले में कौन-कौन जिम्मेदार थे.

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