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25 की हीरोइन, 41 के हीरो के रोमांस ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, 25 करोड़ बजट में कमाने जा रही 300 करोड़ | 25 year old heroine 41 year old hero romantic movie bethlehem kudumba unit marching towards 300 crore on box office



नई दिल्ली:

25 साल की हीरोइन और 41 साल के हीरो की फिल्म ने इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा रखा है. आज जब बड़े-बड़े बजट और सितारों की फिल्मों का शोर रहता है. लेकिन ऐसे शोर में इस लो बजट फिल्म ने दिखा दिया कि कहानी और डायरेक्शन में दम हो, सितारों को किरदारों की समझ हो और जनता से कनेक्ट बनाने का दम-खम हो तो फिल्म को चलने से कोई नहीं रोक सकता है. ऐसा ही कुछ 21 अगस्त को ओणम पर रिलीज हुई मलयालम रोमांटिक कॉमेडी ‘बेथलहम कुडुंबा यूनिट (Bethlehem Kudumba Unit)’ के बारे में कहा जा सकता है. फिल्म 300 करोड़ रुपये की दिशा में कदम ताल कर रही है.

आइए जानते हैं किस वजह से ‘बेथलहम कुडुंबा यूनिट’ बॉक्स ऑफिस पर लाई कमाई का तूफान और 18 दिन में बॉक्स ऑफिस पर किया है कितना कलेक्शन.

बेथलहम कुडुंबा यूनिट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

फिल्म ने कंटेंट की वजह से बॉक्स ऑफिस पर तूफान मचा दिया है. निर्देशक गिरिश ए.डी. की इस फिल्म का बजट करीब 25 करोड़ रुपये है, जबकि वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 266.3 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. यह निविन पॉली की अब तक की सबसे बड़ी कमाई वाली फिल्म बन गई है और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली मलयालम फिल्मों की लिस्ट में तीसरे स्थान पर आ गई है. फिल्म में म्यूजिक विष्णु विजय का है. फिल्म का रनटाइम लगभग 157 मिनट है. 

‘बेथलहम कुडुंबा यूनिट’ की कहानी

कहानी एश्ली थंकाचन (ममिता बाईजू) की है, जो विदेश में पढा़ई के बाद केरल लौटती है. वह परिवार के साथ एक नई जगह शिफ्ट होती है. पड़ोस में जस्टिन डेविस (निविन पॉली) रहता है, जिसे लोग ‘एमपी3 किंग’ कहते हैं. जस्टिन की शादी नहीं हुई है कैटरिंग का काम करता है, लैपटॉप रिपेयर करते है और छोटे भाई की शॉर्ट फिल्मों का प्रोडक्शन संभालता है. वह पूरे मोहल्ले की शान है. फिर संगीत के शौक से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे प्यार में बदल जाती है. दोनों के बीच करीब 12-13 साल का अंतर है. फिल्म पहले प्यार, दूसरे मौके, परिवार, दुख और रोजमर्रा की जिंदगी को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है.

बेथलहम कुडुंबा यूनिट ट्रेलर

कौन हैं निविन पॉली?

निविन पॉली का जन्म 11 अक्तूबर 1984 को केरल के अलुवा (एर्णाकुलम) में हुआ. इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने इंफोसिस में काम किया, फिर एक्टिंग को करियर बनाया. 2010 की मलर्वाडी आर्ट्स क्लब से डेब्यू किया. तत्तातिन मरयतु (2012) ने उन्हें स्टार बनाया. प्रेमम (2015), बैंगलोर डेज, 1983, एक्शन हीरो बीजू जैसी फिल्मों से वे मलयालम के युवा सुपरस्टार बने. उनकी फिल्म सर्वम माया (2025) ने उन्हें जबरदस्त लोकप्रियता दिलाने का काम किया. उसके बाद से वह लगातार शानदार फिल्में कर रहे हैं. 

कौन हैं ममिता बाईजू?

ममिता बाईजू का जन्म 22 जून 2001 को केरल के किडंगूर (कोट्टायम) में हुआ. पिता डॉ. बाईजू कृष्णन डॉक्टर हैं. बाल कलाकार के रूप में पावाड़ा में आईं और 2017 की सर्वोपरि पालाक्करण से मेन स्ट्रीम सिनेमा में कदम रखा, खो-खो के लिए केरल फिल्म क्रिटिक्स अवॉर्ड मिला. सुपर शरण्या और खासकर प्रेमलु (2024) ने उन्हें पहचान दिलाई. गिरिश ए.डी. के साथ यह तीसरी फिल्म है. 

फिल्म के तमिल और तेलुगु डब्ड वर्जन भी रिलीज हो चुके हैं. छोटी बजट वाली इस कहानी ने बड़े बॉक्स ऑफिस पर बड़ा चमत्कार कर दिया है. इसने साबित किया कि सच्ची, हल्की-फुल्की और परिवार केंद्रित कहानियां आज भी दर्शकों को थिएटर तक खींच लाने की हिम्मत रखती हैं.





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