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शिवसेना यूबीटी के बागी सांसदों पर सस्पेंस: स्पीकर ओम बिरला से म‍िले अनिल देसाई-अरविंद सावंत, क्‍या मांग रखी? | shiv sena ubt rebel mp meeting with lok sabha speaker om-birla monsoon session 2026



महाराष्ट्र में छह सांसदों के बागी होने के बाद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट में सियासी हलचल तेज हो गई है. पार्टी के वरिष्ठ सांसद अनिल देसाई और अरविंद सावंत इस पूरे मामले को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने संसद भवन पहुंचे. उद्धव गुट की मुख्य मांग है कि बागी सांसदों के किसी भी अलग गुट को लोकसभा में मान्यता न दी जाए.

‘संविधान के नियमों के तहत हो फैसला’

शाम को लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद अनिल देसाई और अरविंद सावंत ने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने कहा, “हमने लोकसभा स्पीकर से गुजारिश की है कि वह किसी भी संसदीय पार्टी के (बागी) गुट को मान्यता न दें. हमें पूरी उम्मीद है कि लोकसभा स्पीकर संविधान के नियमों के तहत ही उचित फैसला करेंगे.”

उद्धव गुट के नेताओं ने तर्क दिया कि जो सांसद पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्होंने साल 2024 का लोकसभा चुनाव शिवसेना के आधिकारिक सिंबल (मशाल) पर लड़ा था. उन्हें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में ही जीत मिली थी. ऐसे में हमारी बात सुने बगैर स्पीकर साहब को कोई एकतरफा फैसला नहीं करना चाहिए.

अरविंद सावंत ने कहा- हमारी सुनवाई के बिना निर्णय न लें

शिवसेना (UBT) सांसद अरविंद सावंत ने पिछले घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा, “पिछले हफ्ते भी हम आए थे और स्पीकर साहब को निवेदन दिया था. उस निवेदन में हमने साफ कहा था कि अगर कोई सांसद व्यक्तिगत रूप से कहीं जाना चाहता है, तो संविधान की रक्षा करना स्पीकर की जिम्मेदारी है. हमने आग्रह किया था कि हमारी सुनवाई के बिना कोई निर्णय न लिया जाए.”

आज की मुलाकात की जानकारी देते हुए सावंत ने बताया, “आज शाम 5:00 बजे उन्होंने हमें मिलने का समय दिया था. मुलाकात के दौरान हमने स्पीकर साहब से पूछा कि क्या उनके पास बागी गुट का कोई पत्र आया है? इस पर उन्होंने कहा कि अभी ऐसा कुछ नहीं आया है और उन्हें कोई कागज नहीं मिला है. हमने स्पष्ट कर दिया है कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत किसी भी बागी गुट को अलग से मान्यता नहीं मिल सकती और न ही सदन में उनके अलग बैठने की व्यवस्था की जा सकती है.”

मॉनसून सत्र 2026 से पहले आ सकता है फैसला

दूसरी ओर, सूत्रों के हवाले से खबर है कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी (TMC) और महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों के मुद्दे पर लोकसभा मॉनसून सत्र 2026 से पहले स्पीकर ओम बिरला कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं. इस मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो चुकी है.

लोकसभा स्‍पीकर अब तक टीएमसी और शिवसेना यूबीटी के नेताओं से दो-दो बार मुलाकात कर चुके हैं. चर्चा है कि शिवसेना यूबीटी के छह बागी सांसद पहले ही लोकसभा स्पीकर से मिलकर शिवसेना (शिंदे गुट) में शामिल होने का पत्र दे चुके हैं. फिलहाल, इस पूरे पेचीदा मामले पर लोकसभा सचिवालय के भीतर कानूनी और संवैधानिक विशेषज्ञों से गहन चर्चा की जा रही है.

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