
लेह:
मिलावटी, असुरक्षित, दूषित और एक्सपायर्ड खाना बेचने वालों के खिलाफ लद्दाख में सख्ती बढ़ा दी गई है. केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने करीब 8,800 खाद्य कारोबारियों को चेतावनी दी है. अलग-अलग तरह के उल्लंघनों पर 1 लाख से 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है, जबकि असुरक्षित खाने से जुड़े गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है. यह कार्रवाई उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के निर्देश पर की जा रही है. उन्होंने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं.
लद्दाख में 428 FSSAI लाइसेंस धारक और 8,355 पंजीकृत खाद्य कारोबारी हैं. प्रशासन ने साफ कहा है कि असुरक्षित, घटिया गुणवत्ता वाला, गलत लेबल वाला, मिलावटी, दूषित या एक्सपायर्ड खाना बनाना, स्टोर करना या बेचना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
जांच, सैंपलिंग और जब्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग को निरीक्षण, सैंपलिंग और खाद्य पदार्थों की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. नियमों का उल्लंघन मिलने पर असुरक्षित खाद्य पदार्थ जब्त किए जा सकते हैं और उनकी बिक्री या सप्लाई पर रोक लगाई जा सकती है. कानून के तहत लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है.
होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई के नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. खाने को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने, जरूरी तापमान और कोल्ड चेन बनाए रखने, साफ पानी के इस्तेमाल, कचरे के निपटान और कीट नियंत्रण पर भी जोर दिया गया है.

कच्चे और पके खाने को अलग रखना होगा ताकि संक्रमण या क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा न हो. एक्सपायर्ड, खराब या असुरक्षित खाना न तो स्टोर किया जा सकेगा और न ही बिक्री के लिए रखा जा सकेगा.
1 लाख के जुर्माने से लेकर जेल तक की सजा
घटिया गुणवत्ता का खाना बेचने पर 5 लाख रुपये तक, गलत लेबल वाले खाद्य पदार्थों पर 3 लाख रुपये तक और खाने में बाहरी पदार्थ पाए जाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मिलावट या ऐसे मिलावटी पदार्थ रखने पर 10 लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है. जरूरी लाइसेंस के बिना खाद्य कारोबार चलाने, भ्रामक विज्ञापन देने या गलत जानकारी देने पर भी कुछ मामलों में 10 लाख रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है.
असुरक्षित खाना बनाने, स्टोर करने, बेचने या सप्लाई करने के मामलों में जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं. सजा इस बात पर निर्भर करेगी कि उस खाने से किसी को चोट, गंभीर चोट या मौत हुई है या नहीं.
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि खाद्य सुरक्षा लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारी है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले उल्लंघनों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ होगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि कार्रवाई निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के मुताबिक होगी.
इस आदेश के बाद लद्दाख के होटल, रेस्तरां, ढाबे और दूसरे खाद्य कारोबारियों पर कड़ी नजर रहेगी. नियमों के उल्लंघन पर जांच, सैंपलिंग, जब्ती, लाइसेंस पर कार्रवाई, भारी जुर्माना और गंभीर मामलों में जेल तक की कार्रवाई हो सकती है.





