
Chandra Grahan 2026: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहण भले ही कुछ घंटों में समाप्त हो जाता है, लेकिन इसका खगोलीय और ज्योतिषीय प्रभाव अगले 15 से 30 दिनों तक वातावरण और मानव जीवन पर सक्रिय रहता है. ग्रहण के दौरान बनने वाले ग्रहीय योग व्यक्ति की मानसिक स्थिति, निर्णय लेने की क्षमता और आर्थिक स्थिति को गहराई से प्रभावित करते हैं.
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आने वाले 15 दिनों में विशेष रूप से 4 राशियों को करियर, धन और सेहत के मामले में संभलकर चलने की सलाह दी गई है.
कर्क राशि (Cancer)
- क्या असर होगा: कर्क राशि के स्वामी स्वयं चंद्रमा हैं. ग्रहण के उपरांत अगले 15 दिन आपको मानसिक तनाव, अनिद्रा या अज्ञात भय की स्थिति महसूस हो सकती है.
- सावधानी: कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी में नौकरी बदलने या बड़ा निवेश करने से बचें. जीवनसाथी या सहकर्मियों के साथ बातचीत में शब्दों का चयन सोच-समझकर करें.
- उपाय: प्रतिदिन ‘ॐ नमः शिवाय’ का 108 बार जाप करें और जरूरतमंदों को सफेद अन्न (चावल/दूध) का दान करें.
सिंह राशि (Leo)
- क्या असर होगा: साझेदारी (Partnership) के कार्यों में मतभेद उभर सकते हैं. अचानक फिजूलखर्च बढ़ने से बजट बिगड़ सकता है.
- सावधानी: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ पैसों का बड़ा लेन-देन न करें. वरिष्ठ अधिकारियों से बहस करने से बचें, अन्यथा आपकी छवि पर असर पड़ सकता है.
- उपाय: तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
- क्या असर होगा: पारिवारिक मामलों और संपत्ति से जुड़े फैसलों में उलझनें बढ़ सकती हैं. कार्यक्षेत्र में अचानक काम का दबाव बढ़ेगा.
- सावधानी: किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें. वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें और सेहत, विशेषकर पेट व जोड़ों के दर्द की अनदेखी न करें.
- उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और गाय को गुड़ खिलाएं.
कुंभ राशि (Aquarius)
- क्या असर होगा: इस राशि के जातकों को अपनी दिनचर्या और सेहत में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. आत्मविश्वास में थोड़ी कमी आ सकती है और पुराने काम अटक सकते हैं.
- सावधानी: गुस्से और जल्दबाजी में कोई भी बड़ा कानूनी या वित्तीय दस्तावेज साइन न करें. कार्यों को टालने की आदत से बचें.
- उपाय: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
ग्रहण के बाद के इस नाजुक समय में किसी भी तरह के जोखिम भरे निवेश और अनावश्यक विवादों से बचना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा. नियमित ध्यान और संयमित व्यवहार से इस प्रभाव को काफी हद तक शांत किया जा सकता है.
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