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भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B28 की झलक, 8 कोच में बैठेंगे 557 यात्री; रेल मंत्री ने बताया, मुंबई-अहमदाबाद रूट का पूरा प्लान | Railway Minister Ashwini Vaishnaw inspects India First bullet train B28 in BEML as Mumbai Ahmedabad high speed rail corridor set to launch in 2027



बेंगलुरु:

देश की पहली बुलेट ट्रेन स्वदेशी होगी जो मुंबई-अहमदाबाद रूट पर दौड़ेगी. इस बुलेट ट्रेन की बी28 नाम दिया गया है, जिसके कोच में 557 यात्री सवार हो सकेंगे. जबकि इसकी अधिकतम गति सीमा 250 किमी प्रति घंटा होगी. दरअसल, भारत में 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन चलाई जानी थी, लेकिन उसकी डिलिवरी 2030 के पहले संभव नहीं है. लिहाजा भारत खुद मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन तैयार कर रहा है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) का दौरा किया और बुलेट ट्रेन की रेक के निर्माण का जायजा लिया. रेल मंत्री ने रविवार को बेंगलुरु में बीईएमएल की फैक्ट्री का दौरा किया और वहां स्वदेशी बुलेट ट्रेन बी 28 के निर्माण कार्य का जायजा लिया. उन्होंने तकनीकी और इंजीनियरिंग से जुड़े अहम सवाल भी अधिकारियों से पूछे. 

बुलेट ट्रेन की स्पीड कितनी होगी

 बुलेट ट्रेन बी28 की अधिकतम डिजाइन स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, लेकिन ये पटरी पर 250 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेगी. इस ट्रेन में 8 कोच होंगे और ये करीब 202 मीटर की लंबाई वाली होगी. बीईएमएल के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में 4 ट्रेलर कार और 4 मोटर कार होंगी. बुलेट ट्रेन में 7 स्टैंडर्ड कैटगरी के कोच और एक प्रीमियम कोच होगा. दिव्यांगों के लिए हर कोच में दो खास सीटें आरक्षित रहेंगी. ये ट्रेन भारत के अत्यधिक गर्मी वाले वातावरण के हिसाब से तैयार की गई है. 

रेल मंत्री ने शनिवार को वाराणसी का दौरा किया था और देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर का उद्घाटन किया था. उन्होंने दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी थी. ये बुलेट ट्रेन नोएडा, आगरा, लखनऊ, पटना से होते हुए सिलीगुड़ी और गुवाहाटी तक ले जाने का प्लान है.

बुलेट ट्रेन में क्या-क्या सुविधाएं होंगी

भारत की स्वदेशी बुलेट ट्रेन में प्लेन जैसी सीटें होगी और एक-दो घंटों की यात्रा में भी यात्रियों को कोई कठिनाई नहीं होगी. इसमें मूविंग सीट होंगे. सीटों के साथ पैर फैलाने की पूरी जगह, लगेज रखने के विशेष रैक और भारी सूटकेस आदि के लिए स्पेशल स्टैंड होंगे. लैपटॉप, मोबाइल या अन्य उपकरणों को चार्ज करने के लिए हर यात्री के पास अलग सॉकेट होगा. हर सीट के साथ चौड़ी विंडो होगी, जिससे बाहर का शानदार नजारा लिया जा सकेगा. डिब्बों में आंखों में न चुभने वाली एलईडी और एडवांस्ड बायो डाइजेस्टर टॉयलेट होंगे. कोच में इंग्लिश, हिन्दी और स्थानीय भाषाओं में सूचना देने वाले डिस्प्ले होंगे. इमरजेंसी की सिचुएशन में यात्री ट्रेन के स्टॉफ से बात कर सकें, इसकी सुविधा भी होगी. सारे कोच वाईफाई के जरिये इंटरनेट से लैस होंगे.

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दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधा

बुलेट ट्रेन के ग्राउंड को प्लेटफॉर्म की ऊंचाई जितना रखा गया है, ताकि यात्रियों को चढ़ने या उतरने में कोई भी दिक्कत न हो. दरवाजों में स्वचालित सीढ़ियां होंगी. दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर के चौड़े दरवाजे और खास टॉयलेट होंगे. दृष्टिहीन यात्रियों के लिए ब्रेल लिपि में इनफारमेशन बोर्ड लगे होंगे.

बुलेट ट्रेन के कोच को बाहर की गर्मी के हिसाब से एडजस्ट करने के लिए कूलिंग सिस्टम होगा. तेज रफ्तार से चलने वाली बुलेट ट्रेन की आवाज से यात्रियों को दिक्कत न हो, इसके लिए कोच की बॉडी और फर्श में साउंड इंसुलेशन होगा. ट्रेन की नोज को ऐसा बनाया गया है कि तेज गति और टनल में जाने के दौरान तेज आवाज और हवा का दबाव वो झेल सके. 

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