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आ रहा साइक्लोन ‘मुरासु’, ट्रेनें-फ्लाइट्स रद्द, स्कूल-कॉलेज बंद, आंध्र-ओडिशा-तमिलनाडु में हाई अलर्ट | Threat from Cyclone Murasu intensifies 8 trains cancelled 19 flights affected and lakhs of people moved safe locations 



बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात ‘मुरासु’ अब भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका है. मौसम विभाग के अनुसार इसके मंगलवार देर रात से बुधवार तड़के के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच टकराने की आशंका है. तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. तूफान के कारण आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और बड़े पैमाने पर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं.

रेलवे ने 8 ट्रेनों को किया रद्द

चक्रवात और रेलवे ट्रैक पर चल रहे सुरक्षा संबंधी आधुनिकीकरण कार्यों के चलते ईस्ट कोस्ट रेलवे ने 3 और 4 नवंबर को आठ ट्रेनों को रद्द कर दिया है. रद्द की गई ट्रेनों में हावड़ा-कांताबांजी एक्सप्रेस, कांताबांजी-हावड़ा एक्सप्रेस, राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस, जगदलपुर-राउरकेला एक्सप्रेस, राउरकेला-पुरी एक्सप्रेस, पुरी-राउरकेला एक्सप्रेस तथा राउरकेला-भुवनेश्वर और भुवनेश्वर-राउरकेला एक्सप्रेस शामिल हैं. रेलवे ने यात्रियों से घर से निकलने से पहले ट्रेन का स्टेटस जांचने की अपील की है.

 इसके साथ ही आंध्र प्रदेश के दस जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है. यहां कई इलाकों में स्कूल कॉलेज बंद हैं. पड़ोसी ओडिशा में भी बारिश के चलते छुट्टियां घोषित की गई हैं. द हिन्दू के मुताबिक़, तमिलनाडु में चेन्नई समेत कई जिलों के तेज बारिश की संभावना को देखते हुए सोमवार की स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है.

उड़ानों पर भी पड़ा असर

खराब मौसम का असर हवाई सेवाओं पर भी दिखने लगा है. आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों से कुल 19 घरेलू उड़ानें रद्द की गई हैं. विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर सबसे अधिक 12 उड़ानें प्रभावित हुईं. विशाखापत्तनम से चार और तिरुपति से तीन उड़ानें रद्द की गईं. चेन्नई हवाई अड्डे पर भी कुछ उड़ानों को रद्द किया गया है और यात्रियों को अपनी एयरलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

चेन्नई समेत कई जिलों में भारी बारिश

चक्रवात के प्रभाव से चेन्नई, तिरुवल्लुर, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, वेल्लोर, रानीपेट और नीलगिरी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रही है. चेन्नई के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं. स्थिति को देखते हुए कई क्षेत्रों में स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है. मौसम विभाग का कहना है कि 7 नवंबर के बाद बारिश की तीव्रता कम हो सकती है लेकिन दूसरे सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश जारी रहने की संभावना है.

ओडिशा में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान

चक्रवात के खतरे को देखते हुए ओडिशा सरकार ने पांच दक्षिणी जिलों से 1.60 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है. प्रशासन का लक्ष्य लाखों लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना है. गंजाम, गजपति, कोरापुट, रायगढ़ा, मलकानगिरी, कंधमाल, कालाहांडी और पुरी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. राहत कार्यों के लिए 1,139 राहत शिविर तैयार किए गए हैं जहां 3.33 लाख लोगों को ठहराया जा सकता है. इसके साथ ही यहाँ स्कूल भी बंद हुए हैं. 

300 से ज्यादा राहत दल तैनात

ओडिशा में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन विभाग सहित 300 से अधिक बचाव दलों को तैनात किया गया है. भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों को भी चिन्हित किया गया है और वहां से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. चक्रवात से संभावित नुकसान को देखते हुए तमिलनाडु ने आंध्र प्रदेश में एनडीआरएफ की तीन टीमें और बिजली विभाग की 25 विशेष टीमें भेजी हैं. वहीं कर्नाटक सरकार ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. कर्नाटक ने 500 प्रशिक्षित बिजलीकर्मियों, 15 विशेष क्रेन युक्त ट्रकों और 25 ट्रैक्टर माउंटेड ड्रिलिंग मशीनों को आंध्र प्रदेश रवाना किया है ताकि तूफान के बाद क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को जल्द बहाल किया जा सके.

प्रशासन हाई अलर्ट पर

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. वहीं ओडिशा और तमिलनाडु में भी आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रख रही हैं. चक्रवात ‘मुरासु’ के तट से टकराने में अब बेहद कम समय बचा है. ऐसे में पूर्वी तट के करोड़ों लोग मौसम विभाग की चेतावनियों और प्रशासन की तैयारियों पर नजर बनाए हुए हैं. आने वाले 24 घंटे आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं.

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