धर्म

वेटिकन में सदियों पुरानी परंपरा टूटी, पहली बार एक आम महिला बनीं मीडिया हेड, जानिए कौन हैं मारिया अल्वाराडो


कैथोलिक चर्च के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है. वेटिकन (Vatican) के सबसे अहम विभागों में से एक ‘संचार विभाग’ की कमान अब एक आम महिला के हाथों में सौंप दी गई है. मेक्सिको में जन्मीं मीडिया विशेषज्ञ मारिया मोंटसेराट अल्वाराडो ने 1 नवंबर से आधिकारिक तौर पर अपना कार्यभार संभाल लिया है. पोप लियो चौदहवें ने इस साल जून में उनकी नियुक्ति का ऐलान किया था. वेटिकन के शीर्ष प्रशासनिक पदों पर हमेशा से पादरियों और संन्यासियों का दबदबा रहा है, ऐसे में यह फैसला पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है.

कौन हैं मारिया मोंटसेराट अल्वाराडो?

मेक्सिको सिटी में जन्मीं मारिया अल्वाराडो (Maria Alvarado) अंतरराष्ट्रीय मीडिया और धार्मिक मामलों की मंझी हुई विशेषज्ञ हैं. उन्होंने फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से अपनी उच्च शिक्षा पूरी की है. साल 2009 से 2023 तक वे अमेरिका की जानी-मानी संस्था ‘बेकट फंड फॉर रिलिजियस लिबर्टी’ से जुड़ी रहीं, जहां उन्होंने धार्मिक आजादी से जुड़े मामलों पर काम किया. इसके बाद उन्होंने मशहूर कैथोलिक मीडिया नेटवर्क EWTN News की अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) के रूप में अंतरराष्ट्रीय प्रसारण और डिजिटल मीडिया का बड़ा अनुभव हासिल किया.

वेटिकन में कितना बड़ा है नया दायित्व?

मारिया अल्वाराडो को वेटिकन के जिस ‘डिकास्टरी फॉर कम्युनिकेशन’ का प्रमुख बनाया गया है, वह कैथोलिक दुनिया का सबसे बड़ा मीडिया तंत्र है. अब वेटिकन न्यूज, वेटिकन रेडियो, आधिकारिक समाचार पत्र L’Osservatore Romano, होली सी प्रेस ऑफिस और पूरी पब्लिकेशन व्यवस्था का संचालन सीधे मारिया के नेतृत्व में होगा. दुनिया भर के करोड़ों कैथोलिक समुदाय तक पोप के संदेश और वेटिकन की खबरें पहुंचाने का जिम्मा अब पूरी तरह उन्हीं के कंधों पर है.

यह फैसला इतना ऐतिहासिक क्यों माना जा रहा है?

वेटिकन में शीर्ष पद पर पहुंचने वाली मारिया पहली महिला नहीं हैं. इससे पहले जनवरी 2025 में पोप फ्रांसिस ने नन सिस्टर सिमोना ब्राम्बिला को एक विभाग का प्रमुख बनाया था. लेकिन मारिया की नियुक्ति इसलिए अनोखी है क्योंकि वे कोई नन या संन्यासी नहीं, बल्कि आम समाज से आने वाली एक पेशेवर कामकाजी महिला हैं. उन्होंने पाओलो रुफिनी की जगह ली है, जिन्हें 2018 में इस पद पर बैठने वाला पहला गैर-पादरी पुरुष बनाया गया था. अब इस कुर्सी पर एक आम महिला का बैठना यह साफ दिखाता है कि चर्च के प्रशासन में आम लोगों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है.

डिजिटल दौर में मारिया के सामने क्या है चुनौती?

पदभार संभालते हुए मारिया अल्वाराडो ने इसे एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी और ऐतिहासिक मोड़ बताया. जानकारों का मानना है कि इस नियुक्ति से चर्च के धार्मिक नियमों में कोई बदलाव नहीं आएगा, लेकिन मारिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेजी से बदलते डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के दौर में वेटिकन की विश्वसनीयता को बनाए रखना और युवा पीढ़ी तक अपनी बात प्रभावशाली तरीके से पहुंचाना होगी.

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