

Viral Video: बिहार के एक लड़के ने 60 साल के अपने मम्मी-पापा को पहली बार फ्लाइट में बैठाकर बड़ा सरप्राइज दिया है. बेटे ने कहा कि फ्लाइट के अंदर जाने से पहले काफी डरा हुआ था. कहीं टेक ऑफ के दौरान मम्मी-पापा चीखने और चिल्लाने न लगें. पर वह गलत साबित हुआ. उसके मम्मी-पापा भले ही पहली बार फ्लाइट में बैठे, पर उन्होंने आराम से सफर का आनंद लिया. बेटा अपने मम्मी-पापा को पहली बार फ्लाइट में बैठाकर दूसरे देश घुमाने लेकर गया था. जिसको लेकर उसने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया है.
10 देशों में घूम चुका है बिहार का ट्रैवलर
10 देशों में घूम चुके ट्रैवल- व्लागर रामजीत ने अपने मम्मी-पापा को पहली बार फ्लाइट में सफर कराने का अनुभव शेयर किया है. वह अपने माता-पिता को भूटान घुमाने लेकर गए थे. बिहार के रामजीत के यूट्यूब पर 2 मिलियन से ज्यादा फॉलोवर्स हैं और इंस्टाग्राम पर भी करीब एक लाख लोग फॉलो करते हैं.
कोलकाता से बागडोगरा तक फ्लाइट से गए
बिहार के ट्रैवलर रामजीत ने कोलकाता एयरपोर्ट (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट) से बागडोगरा तक फ्लाइट में मम्मी-पापा को सफर करवाया. इसके बाद वह वहां से अगले दिन भूटान लेकर गए. यूट्यूब पर पोस्ट किए वीडियो में रामजीत कहते हैं, “मिडिल क्लास के हर बच्चों का सपना होता है कि अपने लाइफ में कम से कम एक बार अपने पेरेंट्स को अपने पैसे से फ्लाइट में बैठाएं. आज मैं उन सपनों को सच करने जा रहा हूं.”
वंदे भारत एक्सप्रेस से हावड़ा तक ट्रैवल किया
वह गया जंक्शन से वंदे भारत एक्सप्रेस पकड़कर हावड़ा पहुंचे. इस दौरान उनके मम्मी-पापा को वंदे भारत की एक बात पसंद नहीं आई, क्योंकि जिस ट्रेन में वे बैठे थे, स्लीपर नहीं थी और इतनी लंबी दूरी में बैठे-बैठे उन लोगों का काफी दिक्कत हुई.
इसके बाद वह एयरपोर्ट पर पहुंचकर वीडियो में कहते हैं कि देखते हैं, मम्मी-पापा का एक्सपीरिंयस कैसा रहता है. मैंने तो बहुत बार फ्लाइट में ट्रैवल किया है, पर मम्मी-पापा का है यह फर्स्ट टाइम है.” रामजीत ने जब अपने मम्मी-पापा से पूछा कि कैसा लग रहा है तो उन्होंने कहा कि अच्छा लग रहा है.
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जयगांव-फुंसोलिंग बॉर्डर के जरिए भूटान में की एंट्री
फिर जब वे फ्लाइट में बैठे तो रामजीत ने पूछा कि पापा को डर तो नहीं लग रहा ना? वह वीडियो में आगे कहते हैं कि मम्मी के लिए विंडो सीट मैंने बुक कर दिया था. जनरली मैं फ्लाइट के अंदर खाना नहीं लेता हूं. पर मैं सोचा मम्मी पापा को खिलाऊं आकाश में बैठाकर… तो लो दोस्तों हमारा आ गया खाना. कुछ देर बाद वह बोगडोगरा पहुंच गए.
इसके बाद वे बागडोगरा से कार से 4 घंटे की जर्नी करके जलदापारा पहुंचे, जहां पर रामजीत अपने मम्मी-पापा के साथ एक रिसॉर्ट में पूरी रात रुके. उसके अगले दिन वह भूटान के लिए निकले. भारत में भूटान से एंट्री जयगांव-फुंसोलिंग बॉर्डर के जरिए होती है. जयगांव पश्चिम बंगाल राज्य में आता है, जबकि फुंसोलिंग भूटान का एक छोटा सा टाउन है.
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