

बिहार के अलग-अलग जिलों में 25 जुलाई को नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पटना के साथ छपरा, औरंगाबाद और सीवान जिलों में उपद्रव के मामलों में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए कई मामले दर्ज किए हैं. जबकि सीसीटीवी और वायरल वीडियो के माध्यम से आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी का सिलसिला तेज कर दिया है. बताया जा रहा है कि बिहार पुलिस ने मामले में 400 से ज्यादा गिरफ्तारियां की है. पटना में भी पुलिस एक्शन में नजर आ रही है और लगातार एक्शन जारी है.
पटना में 24 एफआईआर और 258 गिरफ्तार
पटना पुलिस ने 25 जुलाई के प्रदर्शन पर बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने 24 एफआईआर की है. जबकि 258 गिरफ्तारियां हुई हैं. पटना में बीते 22 और 25 जुलाई को हुए उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर कानूनी कार्रवाई की है. पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में अब तक कोतवाली, गांधी मैदान, पाटलिपुत्र और सचिवालय थाने के तहत एफआईआर की हैं. हालांकि 30 को निजी बांड भरवाकर उन्हें छोड़ दिया है. पटना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सोर्स से जानकारियां जुटाकर यह एक्शन लिया है.
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छपरा में 56 में गिरफ्तार
छपरा जिले में 25 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और विधि-व्यवस्था संबंधी घटनाओं के बाद सारण पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है. पुलिस ने अब तक चार प्राथमिकियां दर्ज की हैं, जिनमें 186 लोगों को नामजद और लगभग 2500 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस के अनुसार जांच के दौरान कुल 196 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ और सत्यापन किया गया. पुलिस के पास उपलब्ध वीडियो फुटेज, डिजिटल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 56 लोगों की संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. जिसमें 140 लोगों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण उन्हें बंधपत्र पर रिहा कर दिया गया है.
औरंगाबाद में भी एक्शन
औरंगाबाद जिले में भी एक्शन दिखा है. जिला मुख्यालय के रमेश चौक पर शनिवार को बिहार बंद के दौरान प्रदर्शन में असामाजिक और उपद्रवी तत्वों ने जमकर हंगामा किया था. देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया था और उपद्रवियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल पर हमला बोल दिया था. पुलिस ने चिन्हित 106 उपद्रवियों की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी की हैं. हर फोटो को एक क्रम संख्या दी गई है ताकि आम लोग आसानी से पहचान कर सकें. जबकि 12 नामजद, 1000 अज्ञात पर एफआईआर और 3 गिरफ्तारियां की हैं. औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले की पहचान 100 प्रतिशत गोपनीय रखा जाएगा. साथ ही पुलिस ने चेतावनी भी दी है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर भी नजर रखी जा रही है और उनके खिलाफ भी IT एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है.
बिहार पुलिस के क्या आरोप हैं ?
- बिना प्रशासनिक अनुमति के जुलूस निकाला गया.
- बैरिकेडिंग तोड़ी गई, पुलिस बल पर पथराव किया गया.
- सरकारी वाहन को क्षतिग्रस्त किया गया.
- कई पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
सीवान में AK-47 से फायरिंग
वहीं सीवान जिले में भी 25 जुलाई को जमकर विवाद देखने को मिला था. सीवान में उग्र भीड़ के पथराव में एसपी पूरन झा सहित कई जवान चोटिल हो गए, जिसके बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी. इस दौरान एक जवान AK-47 से फायरिंग करते हुए नजर आया था. हालांकि वीडियो सामने आने के बाद विभाग ने उसे निलंबित कर दिया है. फिलहाल सीवान जिले में भी पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई की थी. बिहार में पुलिस लगातार एक्शन कर रही है.
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